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स्वदेशी मिसाइल निर्माण पर DRDO डायरेक्टर जनरल का खुलासा

Tue, 01 Mar 2016 10:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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देश के रक्षा बलों को अत्याधुनिक हथियार से लैस बनाने के काम में जुटे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ ) के डायरेक्टर जनरल पद्मश्री डॉ. सतीश कुमार के अनुसार अगले 6 से 10 वर्षों में मिसाइलों का निर्माण पूर्णत: देश में ही होने लगेगा।
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अभी इसका कुछ डिजाइनिंग पार्ट या इंजीनियरिंग पार्ट्स विदेशों से मंगाना पड़ता है। डीआरडीओ में अभी इस पर काम चल रहा है। वहीं, संगठन देश की युवा प्रतिभाओं को इससे जोड़ने के लिए टॉप के इंजीनियरिंग कॉलेजों में टेक्निकल सेंटर शुरू करेगा। यह जानकारी डा. सतीश कुमार ने एक खास बातचीत में दी।

डॉ. सतीश कुमार मंगलवार को पेक यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (पेक) के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में आयोजित सम्मान समारोह में शिकरत करने पहुंचे थे। 1980 में पेक के स्टूडेंट रहे डॉ. सतीश कुमार ने मिसाइल एवं स्ट्रेटजिक सिस्टम में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
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उनके अनुसार डीआरडीओ भविष्य में आने वाली टेक्नोलॉजी पर रिसर्च कर रहा है। इसके तहत कई प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। हालांकि फिलहाल इसके बारे में उन्होंने कुछ खास जानकारी देने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में देश में ही निर्मित और डिजाइन मिसाइल बन सकेंगी। इसके पुर्जे भी पूर्ण रूप से देश में ही बनेंगे। यह पूर्ण उन्नत किस्म की मिसाइलें होंगी।
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'रिसर्च और डेवलपमेंट की सही ग्रोथ इंजीनियरिंग कॉलेजों से ही है'

वहीं डीआरडीओ से युवाओं के न जुड़ने या छोड़कर विदेशों में अन्य संस्थान ज्वाइन करने के सवाल पर डॉ. सतीश ने इसका खंडन करते हुए कहा कि युवा प्रतिभा बड़ी संख्या में संगठन से जुड़ रही हैं। साथ ही संगठन इसके लिए खास योजनाएं तैयार कर रहा है।

उन्होंने बताया कि संगठन देश की बेहतरीन यूनिवर्सिटी में टेक्निकल सेंटर शुरू करने जा रहा है। पंजाब रीजन में पेक, यूआईईटी, आईआईटी रोपड़ और मंडी में सेंटर शुरू किए जाएंगे। उनके अनुसार रिसर्च और डेवलपमेंट की सही ग्रोथ इंजीनियरिंग कॉलेजों से ही है।

इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स इन सेंटरों में अपने रिसर्च प्रोजेक्ट सौंपेंगे। उनमें कुछ संभावना होने के बाद यहां से डीआरडीओ को भेजे जाएंगे। इसके बाद वहां उन पर रिसर्च होगी। उनमें संभावना होने पर ऐसे युवाओं को संगठन से जोड़ा जाएगा।

इससे पहले कार्यक्रम में उन्होंने डायरेक्टर मनोज कुमार, एचओडी किशोरी लाल और डिपार्टमेंट फैकल्टी के अलावा स्टूडेंट्स से विचार सांझा किए। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य एजुकेशन से है, जितनी अच्छी और बेहतरीन शिक्षा युवाओं को मिलेगी उतना ही देश तरक्की करेगा।
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