अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। दिल्ली की जलमंत्री आतिशी द्वारा हरियाणा पर लगातार कम पानी छोड़ने के लगाए जा रहे आरोपों को राज्य के सिंचाई व जल संसाधन राज्य मंत्री डॉ. अभय यादव ने सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि हरियाणा लगातार 1049 क्यूसेक पानी दिल्ली को दे रहा है। दिल्ली सरकार ने जो पानी की कम सप्लाई देने का डाटा बताया है, उसमें कुछ खामियां हैं। इस पर शीर्ष अदालत ने स्पष्टीकरण मांगा है, जिसका जवाब हम दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि निर्धारित पानी देने के बावजूद यदि दिल्ली में पानी की कमी है तो यह दिल्ली सरकार का कुप्रबंधन है। उन्हें अपनी अव्यवस्थाओं को सुधारना होगा।
मंगलवार को दिल्ली सरकार ने यह तक कह दिया कि शीर्ष अदालत ने हरियाणा सरकार ने हलफनामा देकर माना है कि वह कम पानी दे रहे हैं। सिंचाई मंत्री ने कहा-हरियाणा सरकार ने न कभी पहले पानी देने में कोताही की थी और न आगे कोई कोताही करेंगे। हम शुरू से जागरूक है कि राष्ट्रीय राजधानी में कोई अव्यवस्था न फैले। उन्होंने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय ने जो आदेश दिया था कि यमुना नदी बोर्ड, हिमाचल से आने वाले पानी का सत्यापन करेगा, मगर हिमाचल से पानी आया ही नहीं है तो उसका सत्यापन नहीं हुआ है। अगर हिमाचल प्रदेश से हरियाणा को पानी आता तो हम तुरंत उस पानी को दिल्ली को भेज देते।
एसवाईएल से हरियाणा को पानी मिले तो दिल्ली की कमी को पूरा कर देंगे
डॉ अभय सिंह यादव ने कहा- पंजाब में भी आम आदमी पार्टी की सरकार है। दिल्ली सरकार को चाहिए कि वह पंजाब सरकार से कहकर एसवाईएल का निर्माण कर हरियाणा के हिस्से का पानी छोड़े। इससे हरियाणा की दिक्कत भी दूर हो जाएगी। वहीं, हरियाणा भी दिल्ली को और ज्यादा पानी देगा। उच्चतम न्यायालय ने वर्ष 2002 में स्पष्ट आदेश दिए थे कि एसवाईएल नहर बने और इसका पानी हरियाणा को मिले लेकिन उच्चतम न्यायालय के आदेश के बावजूद आज तक भी उस फैसले पर अमल नहीं हुआ।