प्रदेश में जिला स्तर पर धरोहर हरियाणा संग्रहालय क्लब बनेंगें। हरियाणा की पारंपरिक धरोहर सहेजने के लिए यह निर्णय कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय स्थित धरोहर हरियाणा संग्रहालय ने लिया है।
हरियाणवीं संस्कृति संरक्षण को बढ़ावा देने का उद्देश्य रखते हुए कदम उठाया गया है। वीसी डॉ. डीडी संधू ने धरोहर हरियाणा संग्रहालय के तहत हरियाणा के सभी जिलों में धरोहर क्लब बनाने की अनुमति प्रदान की है।
इन क्लबों का उद्देश्य हर जिले में हरियाणवी संस्कृति से संबंधित विषय-वस्तुओं एवं सामान को एकत्रित कर धरोहर हरियाणा संग्रहालय के माध्यम से हरियाणा संस्कृति को बढ़ावा देना है।
संग्रहालय प्रभारी डॉ. महासिंह पूनिया ने बताया कि पंचकूला से लेकर मेवात तक सभी जिलों में धरोहर हरियाणा संग्रहालय के क्लबों के माध्यम से हरियाणावीं सस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे संस्कृति प्रेमियों को क्लब का सदस्य बनाया है।
क्लब के 42 से अधिक सदस्यों के माध्यम से धरोहर हरियाणा संग्रहालय साल में एक बार संग्रहालय में सदस्यों की वार्षिक बैठक कर उनको संस्कृति के संरक्षण के लिए धरोहर की भावी नीतियों के विषय में अवगत कराएगा।
धरोहर क्लबों के सदस्य गांव-गांव में जाकर हरियाणा संस्कृति से संबंधित वस्तुओं को संकलित कर उसे संग्रहालय में रखने का काम करेंगे ताकि आने वाली पीढ़ी धरोहर इतिहास को जान सके।
डॉ. पूनिया ने यह भी बताया कि धरोहर क्लबों में केवल उन्हीं सक्रिय कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है, जिन्होंने धरोहर हरियाणा संग्रहालय को बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
डॉ. पूनिया के मुताबिक वीसी द्वारा धरोहर क्लब योजना को दी हरी झंडी से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय संस्कृति के क्षेत्र में निरंतर हरियाणा की गरिमा को और अधिक बढ़ाता रहेगा।
उन्होंने बताया कि क्लबों के सदस्यों के रूप में हरियाणवी संस्कृति के पुरोद्धाओं रणबीर सिंह फौगाट, राजकिशन नैन, रामफल चहल, ओम प्रकाश कादयान, मास्टर दयानंद, पुरुषोत्तम सैलानी, देवराज सिरोहीवाल, मास्टर संतलाल, विद्याधर अलंकार, नवरत्न पांडेय, रामचंद्र पूनिया जैसे सरीखे सदस्यों को शामिल किया है।