हरियाणा के आईएएस अधिकारी प्रदीप कासनी ने अपनी अब तक की कॉल डिटेल खंगाली है। साथ ही उन्होंने अपने नजदीकियों से भी पूछताछ की है। पता चला है कि शुक्रवार 12 जून को उन्हें मुख्यमंत्री का फोन आया था। उस समय वे ऑपरेशन थियेटर में थे। उनकी आंख का ऑपरेशन था।
बकौल कासनी पंचकूला के रहने वाले उनके करीबी कैलाश गर्ग ने फोन उठाया था। गर्ग के पास ही उनका मोबाइल था। गर्ग ने दूसरी तरफ से बोल रहे व्यक्ति को यह जानकारी दी थी कि प्रदीप कासनी ऑपरेशन थियेटर में हैं। अब कासनी सीएम के समक्ष सफाई पेश करने के लिए सोमवार को मनोहर लाल खट्टर से मिलने का समय मांगेंगे।
कासनी का कहना है कि उनकी आंख का ऑपरेशन हुआ था। इस बीच उनके पास सीएम कार्यालय से दो फोन आए। दोनों ही कॉल उन्होंने अटेंड भी की। हालांकि दोनों में से कोई भी कॉल सीएम की नहीं थी। उन्होंने खुद पर लगे उन आरोपों को झूठा करार दिया है, जिसमें कहा गया था कि कासनी ने सीएम की कॉल अटेंड नहीं की।
कासनी ने कहा कि मुझे भी किसी अधिकारी ने ही यह बात बताई थी कि सीएम ने आपको फोन मिलाया था, लेकिन आपने फोन अटेंड नहीं किया। यही वजह था कि उन्हें कॉल डिटेल खंगालने की आवश्यकता महसूस हुई। उनके मुताबिक जो भी फोन कॉल उन्होंने अटेंड किए उनमें से एक कॉल सीएम के राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा की थी।
कासनी ने माना कि चोपड़ा से उनकी बात हुई थी। यह भी कहा कि दूसरा फोन सीएम के ओएसडी विजय शर्मा ने किया। उनसे भी मेरी बात हुई थी। डॉक्टर ने मुझे दस दिन आराम करने के लिए कहा था। इस बीच दो दिन तक फोन डेड भी रहा।
यह है मामला
आईएएस प्रदीप कासनी को सरकार ने चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की जिम्मेदारी से हटा दिया है। उन्हें पुरालेख विभाग में तैनात कर दिया गया है। दायित्व परिवर्तन से कासनी आहत हैं।
हम तो तलाश में रहते हैं
प्रदीप कासनी ने बताया कि हम तो मुख्यमंत्री से बात करने के मौके की तलाश में रहते हैं। अगर ऐसी कोई बात है कि मैंने फोन नहीं उठाया तो मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें अपनी सफाई दूंगा।