आम आदमी पार्टी में जिला कनवीनर का पद ही अब खत्म हो जाएगा। पार्टी नए सिरे से संगठनात्मक ढांचा खड़ा करने पर मंथन कर रही है। प्रस्तावित ढांचे में जिला कनवीनर का पद खत्म कर दिया जाएगा।
पार्टी नेताओं की दलील है कि यह कदम स्थानीय स्तर पर गुटबाजी रोकने को उठाया जा रहा है। जिला कनवीनरों की नब्ज टटोलने को संगठन विस्तार के राष्ट्रीय प्रमुख दुर्गेश पाठक ने रविवार को मोहाली स्थित मुख्यालय में बैठक की। जिसमें सूबा कनवीनर सुच्चा सिंह छोटेपुर भी मौजूद थे।
बैठक के दौरान जिला कनवीनरों से नए ढांचे के बारे में राय ली गई। हालांकि सभी ने इस पर सहमति जताई। हालांकि सूबा कमेटी और कनवीनर नए ढांचे में रहेंगे, पर उनकी भूमिका पर असमंजस है। पार्टी के प्रस्तावित ढांचे में पंजाब में दिल्ली का दखल काफी बढ़ जाएगा। पहले दो स्तर पर दिल्ली के नुमाइंदे सीधे तौर पर मॉनिटरिंग करेंगे।
नए ढांचे में सबसे ऊपर लोकसभा को-ऑर्डिनेशन कमेटी होगी। इसमें एक-एक मेंबर पंजाब और दिल्ली का होगा। फिर कुछ विधानसभा हलको का जोन बनाया जाएगा। जोन कमेटी में भी पंजाब व दिल्ली के एक-एक मेंबर होंगे।
इसके बाद विधानसभा को-ऑर्डिनेटर नियुक्त होगा, जो पंजाब का ही होगा। पर यह शर्त होगी कि वह किसी दूसरे हलके का होना चाहिए। एक विधानसभा हलके में कई बूथों का एक सर्किल बनाया जाएगा। जिसके को-ऑर्डिनेटर स्थानीय होंगे। सूत्रों के मुताबिक पार्टी एक हफ्ते के अंदर नए संगठनात्मक ढांचे का ऐलान करने की तैयारी में है।
भविष्य को लेकर आशंकित जिला कनवीनर
आम आदमी पार्टी में लगभग सभी जिलों में गुटबाजी काफी बढ़ चुकी है। ज्यादातर जगह सभी लोग एक नेता के साथ नहीं चल रहे हैं। दुर्गेश पाठक की टीम ने पिछले दिनों दो महीने तक पंजाब का दौरा कर इस बारे में वॉलेंटियर्स से फीडबैक लिया था। इसमें गुटबाजी संबंधित काफी शिकायतें सामने आई थीं।
गुटबाजी खत्म करने के मकसद से ही पार्टी ने जिला कनवीनर का पद खत्म करने का फैसला किया। साथ ही विधानसभा स्तर पर को-ऑडिनेटर स्थानीय न लगाने का फैसला लिया है। बैठक में कनवीनरों ने सहमति जरूर जताई। लेकिन लेकिन अंदरखाते कई जिला कनवीनर अपने सियासी भविष्य को लेकर आशंकित हैं।
उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि नए सेट-अप में उन्हें कहां एडजस्ट किया जाएगा। अभी यह माना जा रहा है कि जिनकी परफॉर्मेंस अच्छी है, उन्हें एडजस्ट किया जाएगा। बाकी साइडलाइन हो जाएंगे।
दुर्गेश पाठक, राष्ट्रीय प्रमुख, संगठन विस्तार, आम आदमी पार्टी ने बताया कि संगठन में बदलाव तो होते ही रहते हैं। अभी सब कुछ चर्चा के स्तर पर है।
इसलिए कुछ कहना उचित नहीं होगा। क्योंकि आज जो योजना बनी है उसमें बदलाव भी हो सकता है। एक हफ्ते में पार्टी संगठनात्मक बदलाव के बारे में ऐलान कर देगी।