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गृहमंत्री अनिल विज की चेतावनी- अपराधी अगर सजा से बच निकला, तो जांच अफसर की खैर नहीं

Tue, 03 Mar 2020 10:49 AM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़, चंडीगढ़
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मंत्री अनिल विज - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा में गिर रही सजा दर और बढ़ते क्राइम पर घिरी सूबे की सरकार ने भविष्य में अपराध पर कैसे लगाम कसनी है, इसका रोडमैप सदन में पेश किया गया। गृहमंत्री अनिल विज ने साफ लफ्जों में कहा कि यदि प्रदेश में क्राइम बढ़ रहा है, तो इसके लिए गृह मंत्रालय ही पूरी तरह से जिम्मेदार है।
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हम इस जिम्मेवारी से पीछे नहीं हट रहे हैं, मगर ये भी कहना चाहते हैं कि सरकार आने वाले समय में ऐसे इंतजाम करने जा रही है कि पुलिस एक्शन से अपराधी बच नहीं पाएंगे और आने वाले समय में क्राइम की दर घटेगी। दरअसल, नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों के बाद लगातार विपक्ष प्रदेश में बढ़ते क्राइम को लेकर सरकार पर हमलावर है।

खासकर दुष्कर्म, महिलाओं के विरुद्घ अपराध, कमजोर तबके के विरुद्घ अपराध, मर्डर, चोरी इत्यादि के बढ़ते आंकड़ों ने विपक्ष को बढ़ा मुद्दा दिया हुआ है, जिस पर विपक्ष सरकार की घेराबंदी में लगी हुई है। सोमवार को भी विधानसभा में विधायक गीता भुक्कल, जगबीर सिंह मलिक, चिरंजीव राव, आफताब अहमद व ईश्वर सिंह ने इसी मसले पर सरकार के समक्ष कई सवाल खडे़ किए। जिसका जवाब एक विस्तृत रोडमैप के साथ गृहमंत्री अनिल विज ने  दिया।
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अब बर्दाश्त नहीं होगी कमजोर पैरवी

क्राइम कंट्रोल के रोडमैप में अब किसी भी कीमत पर जांच अफसर द्वारा संबंधित अपराध की कमजोर पैरवी बर्दाश्त नहीं होगी। किसी क्राइम को लेकर जांच अफसर पूरी तरह से सुबूत जुटाएंगे और अदालत में इन्हीं सुबूतों के दम पर अपराधियों को सजा दिलवाने में मदद करेंगे।

यदि उनकी कमजोर कार्यप्रणाली की वजह से अपराधी सजा से बच निकला, तो जांच अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गृहमंत्री अनिल विज ने दावा किया कि प्रदेश में सजा दर अब बढ़ेगी और अपराध दर घटेगी। बताते चलें कि अभी प्रदेश में विभिन्न अपराधों में ओवरआल सजा दर करीब 46 प्रतिशत है। ये दर लगभग 10 से अधिक प्रतिशत घटी है।

हरियाणा में अपराध कैसे कम होगा, इसका रोडमैप तैयार है।  गृहमंत्री अनिल विज ने भी इसे सदन में भी पेश किया है। सरकार व पुलिस क्राइम कंट्रोल को लेकर पूरी तरह गंभीर है। अपराध के खिलाफ अब सख्ती और बढ़ेगी। जिससे या तो अपराधी राज्य छोड़कर भागने को मजबूर होंगे या अपराध करना छोड़ देंगे। विभिन्न अपराधों में सजा दर बढ़े, इस पर भी गंभीरता से काम होगा। सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को इस बारे में जरूरी दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं।
- मनोज यादव, महानिदेशक, हरियाणा पुलिस
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अपराध के खिलाफ एक्शन को तैयार सरकार

- पीड़ित व सूचना देने वाले की कॉल रिसीव होते ही 15 मिनट में घटनास्थल पर पहुंचेगी इलाका पुलिस।
- महिला थानों को और मजबूत किया जाएगा। महिला जवानों व अफसरों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। थानों में मनोचिकित्सकों की नियुक्ति होगी।
- ‘दुर्गा शक्ति ऐप’ में ‘अलर्ट’ दबाते ही महिला तक पहुंचेगी पुलिस, इसका कालेजों, स्कूलों व सार्वजनिक स्थलों पर और प्रचार होगा।
- कन्या छात्रों के लिए विशेष बसों में सुरक्षित यात्रा के लिए पुलिस सिपाहियों की तैनाती होगी।
- प्रदेश में 2 लाख सीसीटीवी कैमरे लग चुके हैं। इसकी संख्या अब और बढ़ाई जाएगी।
- एक महीने में दुष्कर्म व 15 दिन में छेड़छाड़ मामले की जांच पूरी होगी। जांच निर्धारित दिनों में पूरी न हुई तो जांच अफसर के खिलाफ कार्रवाई तय।
- अब पीड़िता और आरोपी के डीएनए के नमूने का परीक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता से लिया जाएगा
- अब  हर जिले एएसपी रैंक का अफसर रखेगा महिलाओं के खिलाफ अपराध पर निगरानी
- दुराचार के दोषी को (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा छोड़कर) पेंशन, छात्रवृति, ड्राइविंग, शस्त्र लाइसेंस इत्यादि को वापस लिया जाएगा।
- रेप पीड़िता सरकारी वकील के अलावा अपना वकील करना चाहती है तो 22 हजार फीस की मदद दी जाएगी।
- सनसनी खेज मामलों की पैरवी उत्कृष्ट अभियोजकों में से विशेष सरकारी अभियोजक की नियुक्ति होगी।
- छह जिलों में जल्द तैयार होंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट। इनमें फरीदाबाद में दो, गुरुग्राम, पानीपत, सोनीपत और नूहं में एक-एक शामिल है। 9 जिलों में पहले ही खुल चुकी हैं।
- अब सादे कपड़ों में सार्वजनिक स्थलों व शैक्षणिक स्थलों के बाहर महिला जवानों की गश्त बढ़ाई जाएगी।
- रेप व यौन उत्पीड़न मामलों की जांच अब मेडिको कानूनी मैनुअल के तहत होगी। जिसमें गुणवत्ता वाले वैज्ञानिक ढंग से सुबूत संग्रह किया जाएगा।
- जिला व सब डिविजनल अस्पताल में  दुष्कर्म संकट केंद्र व यौन आक्रमण उपचार इकाइयों  बनाई जाएंगी।
- रेप मामलों में पीड़िता व उससे जुड़े गवाहों की सुरक्षा का खास ध्यान रखेगी पुलिस।
- बाल अपराधों की निगरानी के लिए जिला स्तर पर पुलिस का एक अफसर नियुक्त होगा। जो संबंधित केस की न्यायलय द्वारा मामले के निपटान तक केस की मानिटरिंग करेगा।
- नशे के खिलाफ हर जिले में डीएसपी की अध्क्षता में एसटीएफ गठित होगी। राज्य स्तर पर भी एसटीएफ के साथ हरियाणा नारकोटिक्स ब्यूरो का गठन होगा।
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