जम्मू-कश्मीर में शनिवार को हुए कांग्रेस के जी-23 गुट के सम्मेलन पर हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने टिप्पणी की है। ट्वीट कर अनिल विज ने निशाना साधा। विज ने लिखा कि कांग्रेस के जी- 23 नेताओं ने गांधी टोपी उतारकर भगवा पगड़ी पहन ली बहुत अच्छा लगा। राहुल गांधी बेचारा समुद्र में छलांग लगा कर इनके लिए मोती ढूंढकर लाने की कोशिश कर रहा फिर भी यह उससे संतुष्ट नही हैं और क्या चाहते हैं यह राहुल गांधी से ?
आजाद के साथ पार्टी के व्यवहार से भी नाराजगी
राज्यसभा से सेवानिवृत्त गुलाम नबी आजाद के साथ पार्टी की ओर से किए गए व्यवहार से जी-23 से जुड़े लोग नाराज हैं। उनका कहना है कि इतने वर्षों तक कांग्रेस में रहने के बाद भी कांग्रेस हाईकमान ने दोबारा उन्हें मौका नहीं दिया। प्रधानमंत्री तक ने उन्हें सम्मान दिया लेकिन अपनी पार्टी ने कोई सम्मान नहीं दिया।
राबर्ट वाड्रा का केस लड़ रहे वकील को राज्यसभा का सदस्य बना दिया गया। मल्लिकार्जुन खड़गे को राज्यसभा में विपक्ष का नेता जी-23 के वरिष्ठ सदस्यों की अनदेखी करते हुए बना दिया गया।
गुलाम नबी आजाद ने कहा कि वह 42 साल तक पार्टी में कई अहम पदों पर रहे और 18-18 घंटे तक काम किया। सोनिया गांधी से मुझे फिर से महासचिव न बनाने को कहा था। उन्होंने पूर्व सांसद मदन लाल और मोहम्मद शरीफ नियाज को याद किया।