फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nuh Violence: गृह मंत्री विज बोले- मोनू मानेसर की भूमिका नहीं; हर साल यात्रा निकलती है, पहले कभी ऐसा नहीं हुआ

Tue, 01 Aug 2023 11:57 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़

सार

हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि हरियाणा में स्थिति नियंत्रण में है। 20 कंपनी मिल गई हैं। एयरफोर्स स्टैंड बाय पर है। फंसे हुए लोगों को निकाला जाएगा। नूंह में कर्फ्यू लगा है। हिंसा में मोनू मानेसर का कोई रोल नहीं है।
विज्ञापन
अनिल विज। - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने नूंह में हुई हिंसा को लेकर बयान दिया है। अनिल विज ने कहा है कि हिंसा में मोनू मानेसर का कोई रोल नहीं है। हर साल यात्रा निकलती थी, पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मामले में कोई मास्टरमाइंड जरूर है। 
विज्ञापन


विज ने कहा कि जिस प्रकार से घटनाओं को अंजाम दिया गया है, हथियारों का प्रयोग हुआ है, विशेष बिंदुओं पर पथराव हुआ है, उसे देखने से लगता है कि यह किसी मास्टरमाइंड का काम हो सकता है। हालांकि इसकी कड़ी जांच कराई जाएगी तो हकीकत सामने आएगी। 

यह भी पढ़ें: Monu Manesar: कौन है मोनू मानेसर, जिसके एक बयान पर भड़का बवाल और जल उठा नूंह
विज्ञापन

 

गृहमंत्री ने कहा कि नूंह में हमेशा से ही दोनों समुदाय प्रेमभाव से रहते आए हैं। मगर यह शरारत जिसने भी की है उसे सरकार बख्शेगी नहीं। गृहमंत्री ने कहा कि वह लगातार अधिकारियों के संपर्क में हैं, घायलों की जानकारी ले रहे हैं। सेंट्रल के अधिकारियों से बात कर फोर्स भी तैनात की गई है। इसके साथ ही एयरफोर्स को भी स्टैंडबाय पर रहने को कहा गया है ताकि अगर लोगों को बचाने की बारी आए तो एयरफोर्स बिना देरी के पहुंच सके। 

विज ने कहा कि पहले हमारा उद्देश्य है कि नूंह में स्थिति नियंत्रण में आए और वह काफी हद तक आ चुकी है। प्रशासन से गहनता से जांच करने के निर्देश दे दिए हैं। गृहमंत्री ने यह भी कहा कि नूंह का मुद्दा राजनीति करने का नहीं है। पहले सभी दल शांति बहाल करने पर काम करें।



गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि यात्रा के दौरान जितनी पुलिस फोर्स की जरूरत थी, उतनी थी। अर्धसैनिक बलों की 13 कंपनियां नूंह पहुंच गई हैं। छह कंपनियां और भी पहुंचेंगी। वहीं नूंह के आसपास के सभी जिलों में भी हालात सामान्य हैं। फरीदाबाद,पलवल और गुरुग्राम में एहतियात के तौर पर धारा 144 लगाई गई है। इन जिलों में कहीं पर कर्फ्यू नहीं लगाया गया है।  

पहली प्राथमिकता शांति बहाली
इससे पहले उन्होंने कहा था कि मेवात के एसपी छुट्टी पर हैं, इसलिए पलवल के एसपी से बात की है। इसके साथ ही डीजीपी और अतिरिक्त प्रमुख सचिव (गृह) से भी बात की गई है। हम अतिरिक्त पुलिस बल मुहैया करा रहे हैं। प्राथमिक तौर पर हमें शांति कायम करनी है। वहां पर जो हालात हैं उसे नियंत्रण में लाना है। 

फोर्स को कहा गया है कि जहां पर लोग फंसे हुए हैं वहां पर उन्हें निकाला जाए और स्थिति को नियंत्रण में किया जाए। इसके साथ ही फोर्स को एयरड्रॉप कर स्थिति काबू में लाई जाएगी। सीएमओ पलवल को भी कहा गया है कि जो लोग जख्मी आ रहे हैं उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा दी जाए। कुछ लोगों को मेडिकल कॉलेज में भी भेजा जाए। फंसे हुए लोगों का रेस्क्यू किया जाएगा। हमने मेवात का इंटरनेट बंद कर दिया है।

होमगार्ड के दो जवान शहीद, एक अनजान व्यक्ति की मौत 
विज ने बताया कि नूंह हिंसा में अभी तक होमगार्ड के दो जवान शहीद हुए हैं और एक अनजान व्यक्ति की मौत हुई है। बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी घायल हुए हैं। तीन पुलिस कर्मियों को गोली लगी है जो वेंटिलेटर पर हैं।  

गुरुग्राम में धारा-144 लागू
नूंह में सांप्रदायिक तनाव के मद्देनजर गुरुग्राम के जिलाधीश एवं डीसी निशांत कुमार यादव ने जिले में कानून का पालन कराए जाने एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा-144 लागू की है। इस विषय में सोमवार शाम जिलाधीश की ओर से निर्देश जारी किए गए।

 
विज्ञापन

तीन दशक तक शांत रहा नूंह, 31 साल पहले हुआ था दंगा
1991 में अयोध्या राम मंदिर आंदोलन के समय नूंह में सांप्रदायिक हिंसा हुई थी। उसके बाद तीन दशक तक नूंह में पूरी तरह से शांति रही। पिछले वर्ष कुछ संगठनों ने शोभायात्रा के दौरान एक धार्मिक स्थान को क्षतिग्रस्त किया था लेकिन उस वक्त अमन कमेटी की अपील पर कोई अवांछनीय घटना नहीं हुई और शांति बनी रही। क्षतिग्रस्त निर्माण की मरम्मत करा दी गई थी। सोमवार को हुए बवाल ने तीन दशक की शांति को पलीता लगाया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें