गेस्ट टीचरों पर रविवार को करनाल में हुए लाठीचार्ज और जेल में बंद 44 अतिथि अध्यापकों की रिहाई को लेकर गुस्साए अतिथि अध्यापकों का भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के कार्यालय का घेराव दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा।
बुधवार दोपहर बाद गुस्साए अतिथि अध्यापकों ने शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा का पुतला बनाकर शव यात्रा निकालते हुए कैंची चौक से होते हुए सैकड़ों की संख्या में महिला व पुरुष अतिथि अध्यापक बस स्टैंड चौक पहुंचे। जहां अतिथि अध्यापकों ने सरकार के मुखिया मनोहर लाल खट्टर, शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए पुतला फूंका।
दूसरे दिन कार्यालय का घेराव कर रहे अध्यापकों ने कार्यालय में सरकार विरोधी बैनर भी चिपका दिए। जाखल, रतिया, भट्टू, भूना, फतेहाबाद, कुलां सहित कई अन्य स्थानों से अतिथि अध्यापक घेराव में शामिल हुए। घेराव को देखते हुए कार्यालय के बाहर महिला व पुरुष पुलिस की टुकड़ी बाहर खड़ी रही।
अध्यापिका सुमन ने कहा कि शिक्षा विरोधी नीतियों के साथ लाठीचार्ज को संघ किसी भी तरीके से सहन नहीं करेगा। करनाल में प्रदर्शन कर रहे 44 अतिथि अध्यापकों को जेल में डाला गया है, उन्हें बिना शर्त के रिहा किया जाए। भाजपा ने सरकार बनने से पहले वादा किया था कि अतिथि अध्यापकों को पक्का करना उनकी प्राथमिकता होगी। अब सरकार वादाखिलाफी कर रही है। प्
रदर्शन में पहुंचे अध्यापक नवनीत शर्मा ने कहा कि किसी भी पार्टी का घोषणा पत्र उसके लिए पवित्र होता है। भाजपा को अपने घोषणा पत्र का सम्मान करते हुए उसमें लिखी बातों को पूरा करना चाहिए। प्रदेश सरकार की इस नीति को वो बर्दाश्त नही करेंगे।
घड़ियाली आंसू बहा रहे अनिल विज
पत्रकारों से बात करते हुए जिला प्रधान जयनारायण सिंह ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के दिए बयान पर बोलते हुए कहा कि वो महज घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री एक जिम्मेवार पद है, अगर वो सच में मदद करना चाहते हैं तो सरकार में हस्तक्षेप कर उनकी मदद करें। अतिथि अध्यापक पिछले साढे़ नौ सालों से अपनी मांगो को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
5 मई को होगा धर्मांतरण
जिला प्रधान ने कहा कि धर्म के ठेकेदार उनकी मांगों को मानने में आनाकानी कर रहे हैं। उनकी हेकड़ी को तोड़ने के लिए अतिथि अध्यापक 5 जून को धर्म परिवर्तन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। भाजपा सरकार नहीं मानी तो वो 31 मई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।