हरियाणा सरकार ने आईएएस संजीव वर्मा को भंडारण निगम के प्रबंध निदेशक पद से हटा दिया है। उनकी जगह आईएएस डॉ. शालीन नए प्रबंध निदेशक लगाए गए हैं। वह राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव के साथ भंडारण निगम का अतिरिक्त कार्यभार देखेंगे। हरियाणा भंडारण निगम में आईएएस अशोक खेमका के प्रबंध निदेशक रहते हुई नियुक्तियों में संजीव वर्मा ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हुए हैं।
दो प्रबंधकों समेत अनेक अधिकारियों को वर्मा बर्खास्त और निलंबित कर चुके हैं। नियुक्तियों के इस विवाद में वर्मा और खेमका ने एक-दूसरे के खिलाफ पंचकूला में एफआईआर भी दर्ज कराई हुई है। खेमका एफआईआर को रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट पहुंचे थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वर्मा के साथ ही रविंद्र कुमार के खिलाफ दर्ज एफआईआर को भी हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।
खेमका की वर्मा के खिलाफ शिकायत पर कार्रवाई करवाने के लिए गृह मंत्री अनिल विज खुद डीसीपी कार्यालय पहुंचे थे। वर्मा की शिकायत पर खेमका के खिलाफ भ्रष्टाचार व अन्य धाराओं में मामला दर्ज हुआ है, जबकि वर्मा के खिलाफ खेमका ने उत्पीड़न इत्यादि का मामला दर्ज कराया है।
पुलिस ने दोनों ही मामलों के हाईप्रोफाइल होने पर जांच ठंडे बस्ते में डाली हुई है। खेमका के समय हुई नियुक्तियों की जांच और कार्रवाई के बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव कृषि भंडारण निगम के रिकॉर्ड को अपने कब्जे में ले चुकी हैं। खेमका ने रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ की आशंका जताई थी। वहीं वर्मा ने कहा था कि रिकॉर्ड कब्जे में न लिया जाए, इससे जांच प्रभावित होगी।
एचसीएस संजीव को अतिरिक्त जिम्मा
एचसीएस अधिकारी संजीव कुमार को सरकार ने अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। वह भूमि अधिग्रहण अधिकारी सह भूमि अधिग्रहण कलेक्टर गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण का जिम्मा भी देखेंगे। अभी वह हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम-द्वितीय के संपदा अधिकारी और भूमि अधिग्रहण अधिकारी गुरुग्राम हैं।