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विजन 2030 पर काम करते हुए विकास की नई इबारत लिखेंगे हमः CM खट्टर

Mon, 24 Apr 2017 12:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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मनोहर लाल खट्टर - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा अब विजन-2030 के अनुसार विकास की नई इबारत लिखेगा। खट्टर सरकार ने राज्य का विजन-2030 दस्तावेज तैयार कर लिया है। इसे जल्द लोकार्पित किया जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को नई दिल्ली में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की तीसरी बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में ये जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि विजन-2030 दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
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दीर्घावधि योजना के लिए विजन अनुरूप परिणाम आधारित बजट का प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दस्तावेज में संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों के आधार पर वर्ष 2030 तक राज्य की ओर से हासिल किए जाने वाले प्रमुख क्षेत्रों, वर्तमान हस्तक्षेपों और प्रासंगिक मील पत्थरों पर प्रकाश डाला गया है। ये समावेशी आर्थिक, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने, महिलाओं, बच्चों, युवाओं और भावी पीढ़ियों समेत सभी को लाभ पहुंचाने में सहायक होगा।

सभी जिलों और समाज के हर तबके का समान विकास और किसी को भी पीछे न छोड़ते हुए विशेष रूप से महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण सुनिश्चित किया जाएगा। लाभकारी रोजगार के लिए शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से मानव पूंजी का निर्माण करेंगे। पूरी तरह से डिजिटल नागरिक केंद्रित सेवाओं के माध्यम से दक्ष और पारदर्शी शासन को बढ़ावा दिया जाएगा। हरियाली को हानि पहुंचाए बिना बुनियादी ढांचे का विकास करेंगे।
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दस हजार आबादी वाले गांवों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट

cm khttar
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि जून 2017 तक ग्रामीण क्षेत्रों को और सितंबर 2017 तक सभी शहरों को खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) कर दिया जाएगा। सरकार ने भविष्य में कस्बे बनने की क्षमता रखने वाले 10,000 से अधिक आबादी वाले गांवों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया है।

स्वच्छता की अवधारणा को मूर्तरूप देने के लिए इसे स्कूल-कॉलेजों के पाठ्यक्रमों में शामिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ 1300 से अधिक ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं। सात कस्बों के लिए घर-घर से एकत्रित ठोस कचरे से बिजली उत्पादन की लगभग 500 करोड़ रुपये के निवेश से दो सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट क्लस्टर परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं।

 

एनईएफटी-आरटीजीएस से टैक्स भुगतान की सुविधा

Haryana CM Manohar lal khattar
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही एनईएफटी और आरटीजीएस के माध्यम से राज्य में टैक्सों के भुगतान की सुविधा मुहैया कराएगी। आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (एईपीएस) को समयबद्ध ढंग से सभी ई-दिशा के साथ अटल सेवा केंद्रों में भी शुरू किया जाएगा।

वर्ष 2015 की जनसंख्या के अनुसार, हरियाणा में अब तक 2.68 करोड़ निवासियों को आधार नंबर प्रदान किया गया है। इस मामले में हरियाणा देश में दूसरे स्थान पर है। शून्य से पांच आयु वर्ग में आधार नामांकन 78 प्रतिशत है। अब तक 24.97 लाख बच्चों का नामांकन किया गया है और पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की आधार कवरेज में इस समय हरियाणा पहले स्थान पर है।

वृद्धावस्था पेंशन, खाद्यान्न सब्सिडी और छात्रवृत्ति योजनाओं में अपात्र लाभार्थियों को बाहर निकालने से राज्य ने 2015-16 में 350 करोड़ रुपये और 2016-17 में 256 करोड़ रुपये बचत की है। ई-जिला परियोजना के तहत ई-सेवा प्रदायगी में हरियाणा गुजरात के साथ पहले स्थान पर है।
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सीएम के संबोधन के मुख्य बिंदु

CM खट्टर
. मई 2015 में हरियाणा कौशल विकास मिशन शुरू, 69 हजार युवा विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षित, 2017-18 के दौरान 1.33 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य। हरियाणा विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय प्रमाण-पत्र से लेकर डॉक्टरेट स्तर तक कौशल शिक्षा प्रदान कर रहा।

. गरीबी के पैमाने और अनुमान को राष्ट्रीय स्तर पर विशेषज्ञ अंतिम रूप दें, प्रत्येक राज्य द्वारा गरीब लोगों के व्यापक लक्ष्य समूह की पहचान किए जाने के बाद, लाभों या सेवाओं की शृंखला परिभाषित की जा सकती है। पात्र परिवारों को ये सेवाएं नई ग्रेडिंग व्यवस्था और आवश्यकता आधारित सहायता प्रणाली के आधार पर मुहैया कराना बेहतर रहेगा। जब उन्हें सभी जरूरी लाभ मिल जाएं तो उन्हें गरीब नहीं मानकर सूची से निकाल देना चाहिए। आधार पर आधारित प्रत्यक्ष नकदी हस्तांतरण डाटाबेस इसमें मदद कर सकता है। ऐसे परिवारों का गतिशील गरीबी सूचकांक कायम रखकर गरीबी को उत्तरोत्तर वास्तविक समय के आधार पर माप सकते हैं।

. जीएसटी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह से तैयार। हरियाणा विधानसभा 4 मई 2017 को जीएसटी विधेयक पारित करेगी।
. बागवानी मिशन में 2030 तक बागवानी फसलों का क्षेत्र दोगुना करना और उत्पादन तीन गुना करना है। सरकार ने 140 फसल समूहों में 340 ‘बागवानी गांव’ घोषित किए हैं।

. गोशालाओं से जुड़ी प्रमाणित जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 11 जिलों के 20 विकास खंडों में क्लस्टर का चयन।
. हरियाणा ने 250 जलवायु स्मार्ट गांव विकसित करने के लिए  22 करोड़ रुपये की बनाई परियोजना।

. पानी के अत्यधिक दोहन और गंभीर कमी वाले 36 चयनित खंडों में छिड़काव-टपक सिंचाई, भूमिगत पाइप लाइन और वाटर शेड परियोजनाओं के माध्यम से सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा, वर्ष 2022 तक सूक्ष्म सिंचाई के अधीन रकबे को 6.9 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 9.5 लाख हेक्टेयर करने और 26 प्रतिशत कास्त योग्य क्षेत्र को सूक्ष्म सिंचाई सुविधाओं के अधीन लाने की योजना। कपास में 14 प्रतिशत, फलों में चार प्रतिशत, सब्जियों में 5.7 प्रतिशत, पशुपालन में 3.5 प्रतिशत और मछली पालन में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करने की योजना।
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