लंबू, काणा और भोला के भी गैंग
हरियाणा में लंबू, काणा और भोला नाम के भी गैंग हैं। ऋषिपाल उर्फ काना, चुलकाना, प्रसन्न उर्फ लंबू, सिवाह, शहीद उर्फ भोला, उर्फ अडवाणी गांव खरखड़ी, तावड़ू के नाम से गैंग हैं। मनोज उर्फ बाबा पानीपत, नरेश उर्फ सेठी सिलानी गेट झज्जर, राकेश उर्फ राका, मेनपाल उर्फ ढीला 8 केस हैं, शनिदेव उर्फ कुक्की, रिठाल और विकास उर्फ मटरी का भी गैंग है।
गंजा गैंग टेंपों से वसूलता है मंथली
अनिल उर्फ गंजा नूना माजरा बहादुरगढ़, झज्जर जेल में बंद 15 केस है। इस गैंग के गुर्गे अवैध कब्जे, झगड़े की जमीन पर जबरदस्ती कब्जा करना, बहादुरगढ़ शहर में व शहर से नांगलोई जाने वाले सवारी वाले टेंपो से मंथली वसूलते हैं। अधिकतर गैंगस्टर के अपने अपने इलाके तय हैं, जबकि कुछ ऐसे हैं, जो दूसरे प्रदेशों में भी वारदातों को अंजाम देते हैं।
अहमद उर्फ कोद पर सबसे अधिक 62 मामले
नूंह जिले के गांव रिठ्ठ निवासी अहमद उर्फ कोद पर राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश समेत अन्य स्थानों पर वारदात करने के आरोप में सबसे अधिक 62 केस दर्ज। फिलहाल वह भौंडसी जेल में बंद है। इसके बाद, नूंह के ही शहीद उर्फ भोला पर 50, कमाल निवासी नूंह पर 33 मामले दर्ज हैं। ये दोनों बदमाश भी मथुरा और आगरा जेल में बंद हैं। इसी प्रकार, कैथल के गांव किठाना के सतबीर उर्फ जब्बल पर 33, जोगेंद्र ग्योंग पर 23, विजय खेड़ी 17, बलजीत पौंकरी खेड़ी 19, विकास उर्फ बिल्लू पर 21, अंबाला के शमशेर उर्फ मोनू राणा 20, राजकुमार उर्फ राजू बसौदी राई पर 20 और विरेंद्र प्रताप पर विभिन्न धाराओं के 19 मामले हैं।