हरियाणा में जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसा व आगजनी के बाद सरकार द्वारा आनन फानन में लिए गए फैसलों को सरकार के विधायकों ने चुनौती दे दी है। स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज द्वारा इस्तीफे की पेशकश कर दिए जाने के बाद बुधवार को खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री कर्णदेव कांबोज ने भी सरकार पर दबाव बनाते हुए अपने पद से इस्तीफा देने की धमकी दी।
बुधवार को कांबोज और अनिल विज के बीच बंद कमरे में लंबी बैठक भी हुई, जिसके बारे में दोनों नेताओं ने कोई जानकारी फिलहाल नहीं दी है। इस बीच, मंत्रिमंडल में जाट और गैर जाट विधायकों के बीच शुरू हुई खींचतान को लेकर जल्दी ही मुख्यमंत्री द्वारा जल्दी ही कैबिनेट की बैठक बुलाए जाने के संकेत भी मिले हैं।
आंदोलन के दौरान बर्बाद हुई संपत्ति की भरपाई को लेकर कांबोज ने अपनी सरकार के फैसले के विपरीत कहा है कि आगजनी, तोड़फोड़ और सरकारी व जनता की निजी संपत्तियों के नुकसान की भरपाई दंगाइयों की संपत्ति कुर्क कर की जानी चाहिए।
उनकी सरकार के मुखिया मनोहर लाल खट्टर नुकसान की भरपाई सरकार द्वारा किए जाने के अलावा मारे गए आंदोलनकारियों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिए जाने का ऐलान कर चुके हैं।
काम्बोज ने कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत का भी मानना है कि सरकार को प्रदेश की शांति व्यवस्था को बदहाल करने वाले लोगों पर ऐसी ही कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जानमाल का भारी नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई के लिए दोषी लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई को अंजाम देना चाहिए।
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ने कहा कि यह एक प्रायोजित आंदोलन रहा है। इसे कांग्रेस व अन्य राजनीतिक दलों ने अपना पूरा समर्थन व सहयोग देकर आम लोगों को आग के हवाले करने में मदद की है। सरकार ऐसे लोगों और राजनीतिक दलों की पहचान कर रही है, जिन्होंने प्रदेश की जनता को बदहाल करने का पाप किया है। ऐसे लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उधर, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रदेश में जिस प्रकार से कुछ हुड़दंगबाजियों ने आगजनी व अन्य घटनाओं का नंगा नाच किया है, वह असहनीय है। इसलिए ऐसे किसी भी दंगाई, जिसने प्रदेश को बंधुआ बनाने का प्रयास किया है, उसे बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ऐसे सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों को भी चिह्नित कर रही है, जिन्होंने न केवल ऐसे उपद्रवियों व दंगाइयों का प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से सहयोग किया है बल्कि अपनी ड्यूटी के प्रति भी कोताही बरती है।
विज ने कहा कि प्रदेश के हालात पर हुई कैबिनेट की बैठक में तीन महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये हैं। इनमें निर्दोष लोगों को हुए नुकसान का आकलन एवं उसकी समय पर भरपाई करना, दोषी दंगाइयों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई और सरकारी संपत्ति के नुकसान व टूटफूट की बहाली का काम करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि मुरथल के घटनाक्रम पर सरकार की विशेष नजर है। यदि मुरथल में महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार से अनैतिक आचरण होने की बात सही पायी जाती है तो ऐसे लोगों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भाजपा जात-पात में विश्वास नहीं रखती है।
हमारी सरकार प्रदेश की जनता को जाट या नॉन जाट से नही पहचानती है, बल्कि जनता को कष्ट पहुंचाने वाले लोगों को दंगाइयों के तौर पर देखती है। लेकिन कांग्रेस का यह हमेशा चरित्र रहा है कि वह ‘फूट डालो और राज करो’ की अंग्रेजों की नीति पर काम करते हुए भाईचारे को समाप्त करती आई है।
इसका प्रमाण पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के राजनैतिक सलाहकार रहे प्रो. वीरेन्द्र की ऑडियो टेप से मिलता है, जिसमें वह प्रदेश के शांत हिस्सों में भी हिंसा फैलाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। प्रो. वीरेन्द्र सहित ऐसे अन्य लोगों को बख्शा नहीं जाएगा जो इस षडय़ंत्र में संलिप्त थे और जनता के घरों को जलाकर अपनी राजनीति चमकाना चाहते थे।