वित्त मंत्री के पिटारे से निकला एक लाख करोड़ का बजट
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हरियाणा सरकार ने 2017-18 के बजट में प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए फ्यूल सरचार्ज एरियर (एफएसए) में कटौती की घोषणा की है। वर्तमान में एफएसए के तहत वसूली जाने वाली राशि उपभोक्ताओं के लिए सिरदर्द बनी है। वित्त मंत्री के बजट पेश करने से पहले सदन में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह घोषणा की है। बिजली महकमा मुख्यमंत्री के पास है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार ने साल 2016 में पहली बार एफएसए 37 पैसे कम किया था। अब हमने दोबारा हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगूलेटरी कमीशन (एचईआरसी) से निवेदन किया है। एक अप्रैल से उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में 50 से 60 पैसे एफएसए की कमी होगी। आने वाले समय में भी यह प्रयास रहेगा कि सिस्टम में और सुधार किया जाए।
इस दौरान पलवल से कांग्रेस विधायक करण सिंह दलाल ने बिजली बिलों में लगने वाले करों पर आपत्ति दर्ज करवाई। जिस पर सीएम ने कहा कि हजारों करोड़ का घाटा पिछली सरकारें छोड़ कर गई हैं। जिसे हमारी सरकार वहन कर रही है। हमारी आगे भी यह कोशिश रहेगी कि एफएसए का पैसा कम किया जाए। इस बीच दलाल ने कहा कि बिजली बिलो में हाउस टैक्स और डीजल के नाम पर पैसे वसूले जाते हैं। मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन दिया कि चेक करवा लिया जाएगा।
विधुर पेंशन के प्रावधान का आश्वासन
विधायक रविंद्र मछरौली ने सदन में सवाल किया कि विधवा पेंशन की तर्ज पर विधुर पेंशन दिए जाने का कोई प्रावधान है। सदन में उत्तर न में मिलने पर मछरौली ने कहा कि ताऊ देवी लाल ने पेंशन शुरू की थी। आज भी लोग यह जानते हैं कि बुढ़ापा पेंशन ताऊ देवी लाल ने शुरू की थी। पत्नी की मृत्यु के बाद विधुर को भी बच्चों केभरण पोषण में दिक्कत होती है। लिहाजा यह पेंशन शुरू की जाए तो मुख्यमंत्री मनोहर लाल को हरियाणा के इतिहास में लोग याद रखेंगे। उनकी इस बात पर मुख्यमंत्री ने हंसकर अगले वर्ष से इसके प्रावधान का आश्वासन दिया है।