जसिया में जाट समाज के धरने पर पहुंचे यशपाल मलिक ने चेताया
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हरियाणा सरकार ने आंदोलनकारी जाटों से सुलह करने की कमान अफसरों को सौंप दी है और साथ ही पांच सदस्यीय एक कमेटी गठित की है। इसके साथ ही सरकार ने जाट आंदोलन के गति पकड़ने के साथ ही आंदोलनकारियों से वार्ता की नींव रख दी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोमवार देर शाम विश्वस्त उच्च अधिकारियों के साथ गोपनीय बैठक कर आंदोलन से पार पाने का खाका खींच लिया था। जिस पर मंगलवार से अमल शुरू हो गया।
सरकार ने आंदोलनकारियों से वार्ता और सुलह के लिए मुख्य सचिव डीएस ढेसी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है। इसमें जाट के साथ ही गैर जाट अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। समिति में मुख्य सचिव के अलावा गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रामनिवास, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव देवेंद्र सिंह, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव बिजेंद्र सिंह व एडीजीपी कानून व्यवस्था मोहम्मद अकील शामिल हैं।
बीते वर्ष फरवरी में हुए हिंसक जाट आंदोलन से सबक लेते हुए सरकार ने इस बार वार्ता के लिए गठित समिति से मंत्रियों और अन्य नेताओं को दूर रखा है। मुख्यमंत्री जाट आंदोलन को लेकर पल-पल की फीडबैक ले रहे हैं। उन्होंने मंत्रियों और विधायकों से भी फील्ड की रिपोर्ट ली है। इसके बाद पहले उच्च अधिकारियों से चर्चा की गई और फिर मंगलवार को मंत्रीसमूह की बैठक में जाट आरक्षण आंदोलन सुलझाने के लिए विचार-विमर्श किया।
मंत्री समूह की अनौपचारिक बैठक के तत्काल बाद पांच सदस्यीय समिति गठित कर दी गई। मुख्यमंत्री को शाम चार बजे दिल्ली के लिए रवाना होना था, लेकिन उन्होंने अपना कार्यक्रम टाल दिया।