हाईकोर्ट के फैसले से प्रभावित 4654 कर्मचारियों समेत प्रदेश में अनुबंध पर काम कर रहे करीब साठ हजार कर्मचारियों की नौकरी को सुरक्षित करने के लिए हरियाणा सरकार ने अपने प्रयासों को बिल का रूप दे दिया है। सरकार ‘हरियाणा सरकार रेगुलाइजेशन ऑफ सर्विस बिल - 2018’ के तहत इन अनुबंध कर्मियों को पक्का करेगी।
इस बिल का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है, जिसे आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के पदाधिकारी इसे अपने आंदोलन की जीत बता रहे हैं। सरकार ने बिल का ड्राफ्ट भी सोमवार को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के पदाधिकारियों को भेज दिया है।
इसकी पुष्टि करते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान धर्मबीर फौगाट व महासचिव सुभाष लांबा ने बताया की बिल का ड्राफ्ट सहायक अटॉर्नी जरनल प्रविंद्र चौहान के कार्यालय से मेल के द्वारा सर्व कर्मचारी संघ को प्राप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि जब तक बिल सर्व कर्मचारी संघ के सुझावों के अनुरूप विधानसभा में पारित नही होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया की सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा बिल के ड्राफ्ट का गहनता का अध्ययन करने के बाद सरकार को अपने सुझाव देगा।
लेकिन अभी जारी रहेगा धरना
महासचिव लांबा ने बताया की आंदोलन की अगली कड़ी में 1व 2 अगस्त को प्रभावित कर्मचारी संसद पर सामूहिक धरना देंगे और लोकसभा व राज्य सभा के सांसदों के अलावा सभी राजनीतिक दलों के अध्यक्षों को ज्ञापन देंगे। अगले चरण में 9 अगस्त को सभी जिलों में मशाल जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किए जाएंगे और विधानसभा के आगामी सत्र में प्रदेश के कर्मचारी दूसरे दिन विधानसभा कूच करेंगे।