हरियाणा सरकार निजी क्षेत्र के डॉक्टरों को भी उत्तम गुणवत्ता की पीपीई किट्स, एन-95 मास्क व हैंड सैनिटाइजर सरकारी दरों पर उपलब्ध कराएगी। निजी डॉक्टर क्लीनिक शुरू करने से पहले इसकी मांग कर रहे थे। यह निर्णय मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आईएमए पदाधिकारियों व सिविल सर्जन के साथ हुई बैठक में लिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को दिए विशेष आर्थिक पैकेज में हरियाणा के निजी स्वास्थ्य क्लीनिक, नर्सिंग होम और डेंटल क्लीनिक को भी शामिल किया जाएगा। यदि कोई निजी डॉक्टर कोरोनाग्रस्त हो जाता है तो उसका इलाज सरकारी खर्च पर किया जाएगा।
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कोरोना के बाद राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं, जन स्वास्थ्य, रोग अनुसंधान इत्यादि में निवेश को बढ़ावा देंगे। मनोहर लाल ने कहा कि कोरोना से निपटने में हमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है लेकिन समाज के सभी वर्गों के सहयोग से जल्द ही इस पर काबू पा लेंगे।
उन्होंने डॉक्टरों को निर्देश दिए कि किसी मरीज की हिस्ट्री पूछते वक्त उससे यह भी पूछें कि उसने ‘आरोग्य सेतु’ एप डाउनलोड किया है या नहीं। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने विश्वास व्यक्त किया कि निजी क्षेत्र के सभी डॉक्टरों के सहयोग से हरियाणा शीघ्र ही कोरोनामुक्त प्रदेश बनेगा। कोरोना योद्धाओं ने प्रदेश के 2.5 करोड़ लोगों को सुरक्षा कवच प्रदान करने में उल्लेखनीय कार्य किया है।