दूसरी, पुलिस भर्ती समेत अन्य पेपर लीक होने को लेकर भी आयोग पर सवाल खड़े होते रहे हैं। इसलिए आयोग ने यह परीक्षा कराने के लिए सरकार से मांग की थी। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि ये तय हो चुका है कि सीईटी परीक्षा हरियाणा सरकार कराएगी। परीक्षा के बाद पास अभ्यर्थियों की सूची आयोग के पास आएगी, उसी आधार पर भर्ती की जाएगी।
परीक्षा एक ही दिन या शिफ्टों में अभी तय नहीं
गुरुवार को एनटीए के प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाया गया था लेकिन किसी कारणवश एनटीए के प्रतिनिधि बैठक में नहीं आ सके और तिथि को लेकर कोई फैसला नहीं हो सका। अब अगले सप्ताह एनटीए के प्रतिनिधियों के साथ बैठक होगी। एनटीए एक ही दिन परीक्षा के लिए अड़ी हुई है, साथ ही हरियाणा से बाहर भी परीक्षा केंद्र बनाने को कह रही है, जबकि प्रदेश सरकार चाहती है कि युवाओं को बाहर परीक्षा देने न जाना पड़े। क्योंकि परीक्षा के लिए 11.40 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन कर रखा है, ऐसे में एक साथ इतनी बड़ी परीक्षा नकल रहित कराना सरकार के लिए भी बड़ी चुनौती है।
32 हजार पदों के लिए होगी परीक्षा
संयुक्त पात्रता परीक्षा के प्रथम चरण में ग्रुप सी के 32 हजार पदों के लिए होगी। इनमें 28 हजार पदों के साथ-साथ छह हजार पुलिस कर्मचारी भी शामिल हैं। इसके बाद ग्रुप डी के लिए परीक्षा होगी। ग्रुप डी के खाली पदों के लिए सभी विभागों से जानकारी मांगी गई है। हरियाणा के लाखों युवकों को करीब डेढ़ साल से इस परीक्षा का इंतजार है। कभी कोरोना तो कभी अन्य कारणों से यह परीक्षा एक के बाद एक स्थगित होती रही है। अब युवाओं को आस है कि सितंबर माह में यह परीक्षा होगी।