सीसीटीवी में कैद आरोपी
दीपक हरियाणा के झज्जर जिले के गांव सूरजपुर का रहने वाला है और हमले से कुछ देर पहले वह इंटेलिजेंस ऑफिस के नजदीक सीसीटीवी में कैद हुआ था। दीपक के साथ यूपी का एक नाबालिग हमलावर भी था। दोनों पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। चंडीगढ़ इंटेलिजेंस को दीपक की तलाश शहर में एक प्रापर्टी डीलर की हत्या के मामले में भी है।
एक साथ जेल में बंद थे रिंदा और लॉरेंस
अधिकारियों का मानना है कि मुख्यालय में आरपीजी दागने वाले लॉरेंस के गुर्गें रिंदा और लखबीर के लिए भी काम कर रहे हैं। रिंदा आईएसआई के लिए काम करता है। अधिकारियों को यह भी संदेह है कि अब तक उत्तर भारत में सक्रिय रहा लॉरेंस गैंग संभवत: अत्याधुनिक हथियार हासिल करने के लिए विदेश में छिपे गैंगस्टरों और आतंकियों के हाथों में खेल रहा है।
दरअसल, लॉरेंस और रिंदा 2016-17 के दौरान पंजाब की जेल में एक साथ बंद थे और उनके बीच दोस्ती हुई थी। रिंदा जेल से निकलकर पाकिस्तान भाग गया, जहां से लॉरेंस बिश्नोई उसका करीबी संपर्क भी बन गया। पुलिस का कहना है कि मुख्यालय पर हमला करने वाले दीपक और अन्य नाबालिग को रिंदा ने लॉरेंस की मदद से वारदात के लिए चुना था। फिलहाल पंजाब पुलिस ने मुख्यालय पर हमले के मामले में रेकी करने वाले मोहाली के जगदीप कंग और चरत सिंह के अलावा निशान सिंह, बलजिंदर रैंबों, अनंतदीप उर्फ सोनू अंबरसरिया, कंवर बाठ, बलजीत कौर को गिरफ्तार किया है।