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Chandigarh News: प्रदेश में नए नशा मुक्ति केंद्र खोेलेगी हरियाणा सरकार, केंद्र को भेजा प्रस्ताव

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मुख्य सचिव ने छठी नेशनल नारकोटिक्स कोऑर्डिनेंस कमेटी की राज्य स्तरीय बैठक ली
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हर तिमाही डीसी और एसडीएम नशा मुक्ति केंद्रों की रिपोर्ट दें : मुख्य सचिव
चंडीगढ़। हरियाणा में बढ़ रहे नशे की रोकथाम के साथ-साथ प्रदेश सरकार पीड़ित व्यक्तियों के इलाज के लिए नए नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करेगी। इसके लिए हरियाणा सरकार ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। इस समय प्रदेश के 15 जिलों में नशा मुक्ति केंद्र हैं, जबकि 13 नशा मुक्ति केंद्र निजी संस्थाओं की ओर से चलाए जा रहे हैं।
इस संबंध में प्रदेश के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने मंगलवार को यहां छठी नेशनल नारकोर्टिस कोऑर्डिनेंस कमेटी की राज्य स्तरीय बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि जिला स्तर पर पुलिस, आबकारी एवं राजस्व विभाग के राजपत्रित अधिकारियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत नशा मुक्ति केंद्रों की जांच कर कार्रवाई करने के लिए अधिकृत किया जाए। इसके अलावा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले नशा मुक्ति केंद्रों की रेटिंग की जाएगी।
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संजीव कौशल ने आदेश दिए हैं कि प्रदेश के सभी डीसी और एसडीएम नशा मुक्ति केंद्रों की लगातार माॅनीटरिंग करेंगे। साथ ही हर तिमाही रिपोर्ट अपलोड करेंगे। इसके अलावा यह भी निर्देश दिए कि जिला स्तर पर हर महीने नेशनल नारकोटिक्स कोऑर्डिनेंस कमेटी की बैठकें कर रिपोर्ट अपडेट की जाएं और नशा मुक्ति केंद्रों के लिए एसओपी तैयार की जाए।


एनसीबी ने 4452 आरोपी पकड़े
एनसीबी की ओर से अब तक 3306 केस दर्ज कर 4452 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 40 क्विंटल अफीम भी पकड़ी गई है। राज्य में हरियाणा पुलिस एक्ट 2007 के तहत लीगल एवं आई टी कंसल्टेंट नियुक्त किए जाएंगे। पुलिस की ओर से अब तक राज्य में नशे से पीड़ित 12,572 व्यक्तियों में से 2293 को नशा मुक्ति केंद्रों में दाखिल कर स्वास्थ्य सेवाएं देने की आवश्यकता है। साइक्लोथॉन अभियान को हर गांव, खंड एवं जिला स्तर पर चलाया जाएगा।
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चार और फॉस्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित होंगी
कौशल ने कहा कि राज्य में सभी मेडिकल स्टोर पर चिकित्सक के लिखे बिना नशे की दवाई देने के लिए प्रतिबंधित किया है। एनडीपीएस के विवादों की सुनवाई के लिए सिरसा की तर्ज पर फतेहाबाद, अंबाला, हिसार, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र व पानीपत सहित सात फास्ट स्पेशल ट्रेक कोर्ट कार्य कर रही हैं और राज्य सरकार की ओर से रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद व यमुनानगर में चार और विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।
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