इसमें यादव ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि जस्टिस सूर्यकांत के 8 जून 2017 के फैसले पर पुनर्विचार के लिए सरकार हाईकोर्ट में याचिका लगाने की तैयारी में है। जुलाई में कोर्ट खुलने पर याचिका दायर कर एडहॉक पर कार्यरत शिक्षकों को नियमित करने की अनुमति मांगी जाएगी।
चूंकि, जस्टिस सूर्यकांत के फैसले अनुसार 2011 और 2013 की ज्वाइंट मेरिट लिस्ट बनाकर 9870 पद ही नियमित तौर पर भरे जा सकते हैं। इसलिए हाईकोर्ट से याचिका दायर कर आग्रह किया जाएगा कि सभी चयनित जेबीटी को नियमित करने की अनुमति दी जाए।
पांच सौ जेबीटी ने अब तक नहीं किया ज्वाइन
सरकारी स्कूलों में नियुक्ति मिलने के बावजूद अब तक पांच सौ जेबीटी ने ज्वाइन नहीं किया है। स्कूल शिक्षा विभाग इनकी उम्मीदवारी भी रद्द करने की तैयारी में है। इनकी उम्मीदवारी रद्द होने के बाद एडहॉक जेबीटी नियमित ज्वाइनिंग कर लेंगे। इससे वेटिंग लिस्ट में शामिल 700 जेबीटी में से पांच सौ को एडजस्ट किया जा सकेगा।
इसके अलावा प्रदेश के अनेक लो मेरिट एडहॉक जेबीटी को अभी 21715 रुपये वेतन मिल रहा है, जबकि जेबीटी गेस्ट टीचर्स व कुछ एडहॉक जेबीटी 26000 रुपये वेतन ले रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने कम वेतन लेने वाले जेबीटी का भी आंकड़ा जुटाया है। इनकी वेतन विसंगति जल्दी दूर होने की उम्मीद है।