हरियाणा में ऑक्सीजन की कमी पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि हमें अपनी ऑक्सीजन दिल्ली को देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हम पहले अपनी जरूरतों को पूरा करेंगे, उसके बाद इसे किसी और को दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि फरीदाबाद जा रहे हमारे दो ऑक्सीजन टैंकरों में से एक को दिल्ली सरकार ने लूट लिया। इसके बाद अब हमने सभी ऑक्सीजन टैंकरों को पुलिस सुरक्षा देने का निर्णय लिया है।
वहीं हरियाणा में अब रेमडेसिविर बिना आधार कार्ड के नहीं मिलेगी। सरकार ने इसकी कालाबाजारी रोकने के लिए यह निर्णय लिया है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने ड्रग विभाग के अफसरों को इस बाबत आदेश दे दिए हैं। रेमडेसिविर के अंबाला गोदाम पर ड्रग कंट्रोल विभाग के अफसरों को तैनात किया गया है। कोविड के समय प्रदेश भर में केमिस्ट को जाने वाली रेमडेसिविर व अन्य दवाओं का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा। रेमडेसिविर का मुख्य गोदाम अंबाला में ही है।
बजट स्वीकृत होने के बावजूद सिविल अस्पतालों में नहीं बने ऑक्सीजन आउटलेट
हरियाणा सरकार ने अक्तूबर 2020 में 14 करोड़ रुपये का बजट हर जिले के सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन आउटलेट स्थापित करने के लिए जारी किया था। पीडब्ल्यूडी व बिजली विभाग को राशि भी जारी कर दी गई, लेकिन दोनों विभाग अभी तक ऑक्सीजन आउटलेट स्थापित करने में नाकाम रहे हैं। हरियाणा के कुछ ऑक्सीजन उत्पादक पंजाब, राजस्थान व दिल्ली में भी आपूर्ति करते हैं, इसलिए पूरा स्टॉक प्रदेश को नहीं मिल पाता। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि हर जरूरतमंद को आपदा के समय ऑक्सीजन मुहैया कराई जाएगी। सरकार के पास हर ग्रेड के हजारों ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध हैं।