सीमेंट में घपलेबाजी के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। इस वजह से हादसों का सामना भी करना पड़ता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब घपलेबाज भी पकड़े जाएंगे और हादसे भी नहीं होंगे। दरअसल, हरियाणा में विभिन्न परियोजनाओं के विकास कार्यों में इस्तेमाल होने वाली निर्माण सामग्री का दुरुपयोग न हो, इसे लेकर प्रदेश सरकार गंभीर हो गई है। नई व्यवस्था में विकास परियोजनाओं के तहत अब कंस्ट्रशन साइट पर इस्तेमाल होने वाले सीमेंट और डीआई (डकटाइल आयरन) पाइप की फोटो एक विशेष वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी।
हरियाणा सप्लाई एंड डिस्पोजल निदेशालय इस व्यवस्था तैयारी पर काम कर रहा है। जल्द ही इस व्यवस्था को सभी विभागों के लिए लागू कर दिया जाएगा। हरियाणा के विभिन्न विकास कार्यों में हर साल लगभग 450 करोड़ का सीमेंट और 650 करोड़ के डीआई पाइप का इस्तेमाल होता है। इस बड़ी खरीद के बाद कंस्ट्रक्शन साइट पर कई बार लापरवाही से या तो सीमेंट और डीआई पाइप की बर्बादी हो जाती है या फिर इसका दुरुपयोग हो जाता है। ऐसे में सरकार को बड़ा नुकसान होता है।
इस तरह की कई शिकायतें सरकार तक पहुंचती थी। इसी को रोकने के लिए अब ऐसी व्यवस्था की जा रही है, जिससे विभागों को कंस्ट्रक्शन साइट पर कितना सीमेंट लगा, इसके खाली कट्टों, सीमेंट के इस्तेमाल से तैयार ढांचों और किस प्रोजेक्ट में कहां-कहां डीआई पाइप डाला गया, इसके फोटो खास वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी। जिसकी मॉनीटरिंग सप्लाई एंड डिस्पोजल निदेशालय करेगा।