हरियाणा में करनाल जिले के गांव बस्तली निवासी शीतल चौधरी अमेरिका जाएगी। वह नासा में शुरू होने वाले यूनाइटेड स्पेस स्कूल-2019 में हिस्सा लेगी। एफआईएसई की ओर से पांच अगस्त तक लगने वाले इस विशेष स्कूल में विभिन्न देशों के विद्यार्थी हिस्सा लेंगे, जिसमें हरियाणा से शीतल अकेली छात्रा हैं।
गांव में दूध बेचकर परिवार का गुजारा करने वाले पिता ताराचंद ने दैनिक खर्च से बचत करके बेटी शीतल का आवेदन फॉर्म भरा था। इसके बाद तीन स्तरीय टेस्ट प्रक्रिया को पास करके शीतल का चयन यूनाइटेड स्पेस स्कूल के लिए हुआ। शीतल ने बताया कि देश के लिए नासा में काम करना उसका सपना है। यहीं से वह आगे अपने सपने को पूरा करने का रास्ता बनाएगी।
...ताकि पता चले इसरो को कितने बजट की जरूरत
शीतल का कहना है कि 15 दिन तक चलने वाले इस स्कूल में विद्यार्थियों को छह अलग-अलग टीमों में उनकी रुचि के अनुसार बांटा जाएगा। अलग-अलग मिशन पर विद्यार्थी कार्य करेंगे। ट्रेनिंग के दौरान नासा व कई सेंटरों में विद्यार्थियों को विजिट भी कराया जाएगा। वह येलो टीम का हिस्सा बनना चाहेगी, क्योंकि इसमें एरोनॉटिकल साइंस के बजट से संबंधित जानकारियां और ट्रेनिंग दी जाती है।