पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने किलोमीटर स्कीम पर गेंद फिलहाल मनोहर लाल सरकार के पाले में डाल दी है। स्कीम पर चला आ रहा गतिरोध खत्म करने का पहला मौका कोर्ट ने सरकार को ही दिया है। अगर सरकार 14 नवंबर तक मामले को नहीं सुलझा पाती है तो किलोमीटर स्कीम पर फैसला हाईकोर्ट लेगा। स्कीम जनहित में है या नहीं, कर्मचारियों की मांग कितनी जायज है, सरकार का पक्ष कितना मजबूत है, ये सारे पहलू देखने के बाद हाईकोर्ट अपना निर्णय सुनाएगा।
हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा के लिए एसीएस परिवहन धनपत सिंह ने 12 नवंबर को चंडीगढ़ में वार्ता बुलाया है। इसमें विरेंद्र धनखड़, हरिनारायण शर्मा, इंद्र सिंह बधाना, दलबीर किरमारा, अनूप सहरावत, जय भगवान कादियान व बाबू लाल यादव को शामिल होने के लिए पत्र भेज दिया गया है।
धनपत सिंह ने कहा है कि हाईकोर्ट के निर्देशों अनुसार सभी मांगों पर चर्चा होगी। बैठक सुबह 11 बजे उनके सेक्टर-17 स्थित कार्यालय में ही की जाएगी। इसमें रोचक बात यह है कि परिवहन विभाग की ओर से इंद्र सिंह बधाना को भी बातचीत में शामिल होने का न्योता भेजा गया है, जबकि वह जेल में बंद हैं। इससे साफ है कि 12 नवंबर से पहले उनकी रिहाई हो जाएगी।
खुले मन से वार्ता में शामिल होंगे
हरियाणा रोडवेज तालमेल कमेटी के सदस्य विरेंद्र धनखड़, हरिनारायण शर्मा, सरबत सिंह पूनिया, बलवान सिंह दोदवा ने कहा कि कर्मचारी खुले मन से वार्ता में शामिल होंगे। सरकार भी किलोमीटर स्कीम पर अपना अड़ियल रवैया छोड़े। उनकी मुख्य मांग अब भी स्कीम को रद्द कराना ही है। इसका विरोध जारी रहेगा।
ये मांगें उठाएगी कमेटी
. किलोमीटर स्कीम रद्द करें
. बोनस व भत्ते दिए जाएं
. नियमितीकरण की पेचीदगियां दूर की जाएं
. टेक्निकल स्केल दे
. डिपो स्तर पर मानी गई मांगे व सरकार से हुए समझौते लागू करें