हरियाणा के 15 हजार बिजली कर्मियों को बिजली वितरण निगमों ने तगड़ा झटका दिया है। सरकार ने एक फरमान जारी करके निर्देश दिए हैं। दरअसल, रोडवेज व ट्रेड यूनियनों की हड़ताल में शामिल होने पर निगमों ने इन कर्मचारियों की प्रमोशन ओर वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी है। साथ ही हड़ताल के दिनों का वेतन भी काट लिया है। हड़ताल अवधि के दिनों की सर्विस ब्रेक मानते हुए यह कदम उठाया गया है।
बिजली कर्मचारियों ने रोडवेज और ट्रेड यूनियनों की हड़ताल के समर्थन में 26 अक्टूबर, 30-31 अक्टूबर 2018 और 8-9 जनवरी 2019 को सामूहिक अवकाश लिया था। प्रमोशन व वार्षिक वेतन वृद्धि रोके जाने से बिजली कर्मचारी व निगम प्रबंधक आमने-सामने आ गए हैं। हड़ताल में शामिल जिन कर्मचारियों की प्रमोशन हो गई है, उन्हें रिवर्ट करने की तैयारी निगम कर चुका है।
इसे देखते हुए ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन भड़क गई है। यूनियन ने 25 जनवरी को पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा से संबंधित ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन के अध्यक्ष सुरेश राठी व महासचिव नरेश कुमार ने निगम प्रबंधकों के निर्णयों को सेवा नियमों के विरुद्ध बताया है।
उन्होंने कहा कि इसके विरोध में सभी सब डिवीजन पर विरोध दर्ज कराएंगे। प्रदर्शन के बाद उप मंडल अधिकारी के मार्फत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीसी गुप्ता को ज्ञापन भेजेंगे। यूनियन के चेयरमैन देवेंद्र हुड्डा व वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि यूनियन ने अब तक 19 राष्ट्रव्यापी हड़ताल की हैं और दर्जनों हड़तालें सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर हुई हैं।
मगर, आज तक कभी प्रमोशन नहीं रोकी गई। पहली बात तो उनकी प्रमोशन हड़ताल से पहले देय थी, दूसरा हड़ताल का नोटिस देकर की गई हड़ताल में शामिल होने से सर्विस ब्रेक नहीं हो सकती है। उन्होंने निगम प्रबंधकों को चेतावनी दी कि अगर रोकी गई प्रमोशन व वार्षिक वेतन वृद्घि नहीं दी गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।