भिवानी जिले के डाडम खनन क्षेत्र में गत एक जनवरी के हादसे की अब तक की जांच से हरियाणा सरकार संतुष्ट नहीं है। सरकार के निर्देश पर डीसी भिवानी ने एडीसी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की थी। जिसे सरकार ने मंगलवार को पुनर्गठित कर दिया। डाडम में पहाड़ खिसकने की घटना की जांच अब सेवानिवृत्त आईएएस व पूर्व गृह सचिव एसएस प्रसाद की अध्यक्षता वाली नौ सदस्यीय समिति करेगी।
इसमें हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव, भिवानी के डीसी, भिवानी के एडीसी, भिवानी के एएसपी, स्टेट जियोलॉजिस्ट, खान एवं भूविज्ञान विभाग हरियाणा, तोशाम के एसडीएम, जिला वन अधिकारी भिवानी और जिला खनन अधिकारी भिवानी को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। खनन मंत्री मूल चंद शर्मा का कहना है कि सरकार डाडम हादसे की तह तक जाना चाहती है।
दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। एसएस प्रसाद कमेटी की जांच रिपोर्ट पूरा सच उजागर करेगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल पहले की कह चुके हैं कि डाडम में पहाड़ की कटाई ठीक नहीं हुई थी। नववर्ष पर भिवानी के डाडम में पहाड़ खिसकने की घटना हुई थी। जिसमें पांच लोगों की मृत्यु और तीन लोग घायल हो गए थे। घटना की जांच भिवानी के डीसी ने एडीसी की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर सौंपी थी। राज्य सरकार ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए अब उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है।
एनजीटी की समिति भी कर रही जांच
डाडम हादसे की जांच एनजीटी की आठ सदस्यीय समिति भी कर रही है। एनजीटी की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष समिति के चेयरमैन हैं। इसमें पूर्व मुख्य सचिव सहित अनेक विभागों के विशेषज्ञ शामिल हैं। समिति हादसे से पहले ही डाडम में हुए अवैध व अवैज्ञानिक खनन को लेकर अपनी अंतरिम रिपोर्ट एनजीटी की मुख्य बेंच को सौंप चुकी है। अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए हरसेक हिसार से सेटेलाइट इमेज का इंतजार है। उससे अब तक नियमों के खिलाफ हुए खनन का पूरा कच्चा चिट्ठा सामने आएगा।