इस पर कमेटी सदस्यों ने सवाल उठाया कि स्कीम के तहत प्राइवेट ऑपरेटरों के साथ 19 से 21 सितंबर 2018 तक एग्रीमेंट हुए हैं। जबकि रोडवेज कर्मचारी स्कीम का विरोध पहले से कर रहे हैं। 5 सितंबर को हड़ताल भी हो चुकी है। सरकार को एग्रीमेंट करने ही नहीं चाहिए थे। सरकार स्कीम लागू करने पर अड़ी रही तो कर्मचारी नेताओं ने साफ कर दिया कि इसे रद्द कराए बिना हड़ताल खत्म नहीं होगी। जिस पर वार्ता टूट गई।
510 बसें चलने दो, 190 का टेंडर रद्द कर देंगे : पंवार
परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने वार्ता के दौरान पेशकश करते हुए कहा कि 510 बसों का टेंडर हो चुका है, इन्हें चलने दें, जबकि 190 बसों का जो और टेंडर होना है, उसे रद्द कर देंगे। रोडवेज घाटे में हैं, बसों को चलने दें। मंत्री वार्ता के दौरान असहाय नजर आए। इस पर रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के सदस्यों हरिनारायण शर्मा, सरबत सिहं पूनिया, दलबीर किरमारा, वीरेंद्र धनखड़, इंद्र सिंह बधाना, आजाद गिल, बलवान सिंह दोदवा, अनूप सहरावत, जय भगवान कादियान, बाबू लाल यादव, सुलतान सिंह, नसीब जाखड़ और विजय ढोंचक ने कहा कि कर्मचारी अपनी एक महीने की पगार और दो साल का बोनस तक छोड़ने को तैयार हैं। घाटा उससे पूरा कर लें, मगर बसें रोडवेज की ही लाएं।
तालमेल कमेटी के सदस्यों को परिवहन मंत्री ने आश्वासन दिया कि किलोमीटर स्कीम की विजिलेंस जांच करा देते हैं। अगर कोई धांधली पाई गई तो स्कीम रद्द कर देंगे। कमेटी ने कहा कि पहले स्कीम रद्द करो, उसके बाद स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराओ। इस पर मंत्री ने कहा कि प्राइवेट ऑपरेटर कोर्ट चले जाएंगे। कमेटी सदस्यों ने कोर्ट जाने की दलील को खारिज कर दिया।
गुरुवार से सड़कों पर दौड़ेंगी लगभग 35 सौ बसें : पंवार
हरियाणा के परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि हड़ताली कर्मचारियों की बात सुनी गई है। कर्मचारी नेता सरकार की बात सुनने को तैयार नहीं हैं। बुधवार को लगभग 2994 रोडवेज, निजी व सहकारी समितियों की बसें सड़कों पर चली हैं। उन्होंने दावा किया कि गुरुवार से सड़कों पर 34-35 सौ बसें चलेंगी। पुलिस जवान, होमगार्ड, फायर कर्मी और नवनियुक्त ड्राइवर बसों को चला रहे हैं। किसी भी राज्य से बसों की मांग नहीं की गई, अपनी बसों को चलाने के लिए सरकार सक्षम है। 309 प्रोबेशनर चालक-परिचालकों ने बुधवार को ड्यूटी ज्वाइन की है।