चौधरी ओम प्रकाश चौटाला का कहना है कि संगठन कभी एक आदमी से नहीं चलता। संगठन में नेता तो एक हो सकता है और हमारे नेता चौधरी ओम प्रकाश चौटाला हैं। दिग्विजय ने कहा कि उन्हें अंदेशा है कि गुरुवार को एक लैटर जारी हो सकता है जिसमें उन्हें लास्ट चांस दिया जाएगा। लेकिन हमें लास्ट चांस नहीं चाहिए। हमने लाठियां खाई हैं, जेल गए हैं। हमारे खिलाफ साजिश हो रही है। दिग्विजय ने कहा कि राजनीतिक गलियारों में ये चर्चाएं चल रह हैं कि हम बीजेपी में जा रहे हैं। ऐसा कुछ नहीं है।
हमारे पर ये भी आरोप है कि हमने सैकड़ों करोड़ रुपये खा लिए। यदि कोई सबूत दें तो हम दोनों भाई ता उम्र राजनीति से संन्यास ले लेंगे। दुष्यंत और मेरे खिलाफ चक्रव्यूह रचा गया है। दिग्विजय का कहना है कि रैली में किसी के खिलाफ नारे नहीं लगे। नारे तो चौधरी देवीलाल, चौधरी ओम प्रकाश चौटाला, अजय सिंह, अभय सिंह के समर्थन में भी लगे हैं और इससे पहले बड़े नेताओं के समर्थन में नारे लगते रहे हैं। लेकिन दुष्यंत के समर्थन में कार्यकर्ताओं ने नारे लगा दिए तो इसमें गलत क्या है। दो नवंबर को डा. अजय सिंह आएंगे, तब तक इंतजार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वे तो रैली में पीछे बैठे थे लेकिन प्रचार किया जा रहा है कि क्लेश की जड़ दिग्विजय है। इसे प्रूफ किया जाए। मैंने नारे लगाने के लिए किसी को भी उकसाया हो या इशारा किया हो। कोई भी नाम दिया जाए। दिग्विजय ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए कहा कि इनसो की पांच अगस्त की स्थापना रैली में वर्करों को रोकने के लिए कुछ लोगों ने काफी प्रयास किए।
वे समय आने पर उनकी कॉल रिकार्डिंग और वीडियो भी जारी करेंगे। चौधरी ओम प्रकाश चौटाला यदि दुष्यंत और मुझे पद से रिजाइन करने के लिए कहेंगे तो वे कर देंगे। साथ ही उनके आदेश पर पूरी इनसो को भी त्याग पत्र दिलवा दूंगा। ओम प्रकाश चौटाला ने कभी नहीं कहा कि मैंने दुष्यंत और दिग्विजय को पार्टी से निष्कासित किया है।