हरियाणा सरकार ने निकायों के पे-रोल पर कार्यरत लगभग 17 हजार कर्मचारियों के वेतन में 1000 रुपये की वृद्धि की है। अब इन्हें 15000 की जगह 16000 हजार रुपये मिलेंगे। अगर किसी जिले में डीसी रेट इससे अधिक है तो वह देय होगा। इसमें निगमों, परिषद व पालिका के सभी पे-रोल सफाई कर्मी शामिल हैं।
कच्चे कर्मचारियों, डोर डू डोर कर्मचारियों को सरकार की इस बढ़ोतरी का लाभ नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 5 अप्रैल 2021 को करनाल में सफाई मित्र कार्यक्रम में इसकी घोषणा की थी। अब शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से इसके आदेश जारी किए गए हैं।
विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी नगर निगम आयुक्तों, जिला नगर आयुक्तों व निकायों के कार्यकारी अधिकारियों, सचिवों को यह वृद्धि तत्काल प्रभाव से लागू करने के आदेश जारी कर दिये हैं। नगरपालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री ने कहा कि सफाई कर्मचारी समान काम, समान वेतन के हकदार हैं। वेतन में यह वृद्धि ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। डोर टू डोर व कच्चे सफाई कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए।
अतिथि शिक्षकों का बढ़ेगा वेतन, तीन सदस्यीय समिति गठित
हरियाणा के साढ़े तेरह हजार अतिथि शिक्षकों के वेतन में सरकार और वृद्धि करेगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसके लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। साथ ही अधिकारियों को 30 अक्तूबर तक इनके सेवा नियम बनाने का निर्देश दिया है। वेतन निर्धारण के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक जे. गणेशन और मौलिक शिक्षा विभाग के निदेशक अंशज सिंह शामिल हैं।
प्रदेश सरकार दिवाली से पहले इन शिक्षकों को बड़ी सौगात दे सकती है। पहली जुलाई 2021 से डीए में 11 प्रतिशत बढ़ोतरी होने पर पीजीटी अतिथि शिक्षकों को 43473 रुपये, टीजीटी व भाषा अध्यापकों को 36144 व जेबीटी को 31324 रुपये मासिक मानदेय मिल रहा है।
अतिथि शिक्षक लंबे समय से मांग करते आ रहे हैं कि उन्हें सरकारी शिक्षकों के समान वेतन दिया जाए। इसी मांग को लेकर अतिथि शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को अपनी कुछ मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से चंडीगढ़ में मुलाकात की। शिक्षा मंत्री कंवर पाल भी इस मौके पर मौजूद रहे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की सभी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।
कुछ दिन पहले ही इनका प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री कंवर पाल से यमुनानगर में उनके आवास पर मिला था। प्रतिनिधिमंडल ने उनकी आजीविका बचाने और ज्यादातर मांगें मानने के लिए मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का आभार जताया है। अतिथि शिक्षक मार्च 2019 में सेवा सुरक्षा कानून बनने के बाद से ही समान काम, समान वेतन व सेवा नियम बनाने की मांग करते आ रहे हैं।