हर माह आईजी और एसपी के साथ करेंगे बैठक, मुख्य सचिव को भेजनी होगी रिपोर्ट
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने मंडलायुक्तों की जिम्मेदारियां और कार्य क्षेत्र बढ़ा दिया है। संशोधन के अनुसार, मंडल आयुक्त अपनी पहली की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अब कानून व्यवस्था पर भी नजर रखेंगे। इसके लिए वे हर महीने आईजी और एसपी के साथ बैठकें करेंगे और मासिक रिपोर्ट मुख्य सचिव को भेजेंगे। इसमें लापता व्यक्तियों, प्रमुख घटनाओं, मोबाइल इंटरनेट सेवाओं के निलंबन और वीआईपी यात्राओं के दौरान ड्रोन प्रतिबंध जैसे संवेदनशील और भड़काने वाले मुद्दों का उल्लेख करना होगा।
इसके अलावा, मंडलायुक्त संबंधित उपायुक्तों या उपमंडल मजिस्ट्रेटों के साथ लंबित भूमि राजस्व, भूमि बेदखली, माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण से संबंधित सभी अदालती मामलों की निगरानी के लिए उपायुक्तों के साथ मासिक बैठकें करेंगे। वे छह महीने से अधिक समय से लंबित अदालती मामलों की भी समीक्षा करेंगे। इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करेंगे। इसके बाद मंडलायुक्त इन सभी कार्यों की मासिक रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपेंगे।
टैक्स संग्रह और प्रापर्टी आईडी मुद्दों की करेंगे निगरानी
मंडलायुक्त जिला नगर आयुक्तों और जिला परिषदों के सीईओ के साथ समीक्षा बैठकें करेंगे। शहरी क्षेत्रों की प्रगति में संपत्ति कर संग्रह और संपत्ति आईडी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। वहीं, खरीद सीजन के दौरान मंडियों में खरीद प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। साथ ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर भी नजर रखेंगे। मंडलायुक्त गिरदावरी की प्रविष्टियों का सत्यापन करेंगे और गिरदावरी से संबंधित मुआवजे की भी समीक्षा के लिए जिम्मेदार होंगे।
वर्तमान ढांचे में संशोधन करने का उद्देश्य मंडलायुक्तों के वर्तमान कर्तव्यों और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भागीदारी को बढ़ावा देना है। इस पुनर्निर्धारण से राज्य में और अधिक प्रभावी और जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित होगा।- संजीव कौशल, मुख्य सचिव, हरियाणा