पिछले आठ वर्षों से नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे प्रदेश में कार्यरत लगभग 4500 कंप्यूटर टीचर्स और लैब सहायकों के लिए थोड़ी राहत भरी खबर है। सरकार ने पहली अप्रैल से इनका वेतन तो बढ़ा दिया है लेकिन अनुबंध नहीं बढ़ाया है। कंप्यूटर टीचर्स को पहले 15 हजार और लैब सहायकों को 9 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा था। अब इन्हें 18000 और 12000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
31 मई को इन कर्मचारियों का अनुबंध समाप्त हो चुका है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने काफी पहले इनका वेतन बढ़ाने की घोषणा कर दी थी, मगर उसमें कुछ पेंच फंस गया। कंप्यूटर टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बलराम धीमान ने बताया कंप्यूटर टीचर्स और लैब सहायकों का अनुबंध 31 मई को समाप्त हो चुका है, इसे भी बढ़ाया जाए। हर साल सरकार जून महीने में वेतन नहीं देती है, जिसके चलते अनुबंध को जुलाई में फिर से बढ़ा दिया जाता है।
एसोसिएशन के सचिव सुनील वर्मा ने बताया कि वेतन बढ़ोतरी से कर्मचारियों को राहत मिली है। इसके लिए एसोसिएशन मुख्यमंत्री का धन्यवाद करती है। उनकी मांग है कि गर्मी और सर्दियों की छुट्टियों का वेतन न काटकर अनुबंध 12 महीने का किया जाए।