सरकार के पास शिकायतें आ रही थी कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों के अंतिम समय में लिए जाने वाले फैसलों को पूरी तरह पारदर्शी नहीं माना जा सकता। इसमें भ्रष्टाचार, अयोग्य लोगों की नियुक्तियां, सरकारी को राजस्व नुकसान सहित अनेक हानियां उठानी पड़ सकती हैं। ऐसे फैसलों में वित्तीय अनियमितताओं से भी इंकार नहीं किया जा सकता। सरकार ने ताजा आदेश में कड़ा रुख कुछ मामलों में भाई भतीजावाद, पक्षपात व वित्तीय हानि सामने आने पर अपनाया है।
ये सभी मामले मुख्य सचिव को भेजने होंगे
- कार्य आवंटन की निविदा प्रक्रिया, भुगतान व खरीद मंजूरी।
- सभी तरह की नई नियुक्तियां
- सभी श्रेणियों के तबादले व पदोन्नतियां
- अनुशासनात्मक मामले जिनमें दोष सिद्ध हुए हैं
आदेश न मानने पर अनुशासनात्मक व दंडनीय कार्रवाई होगी
मुख्य सचिव कार्यालय ने साफ कर दिया गया है कि इन आदेश को न मानने वाले आईएएस अधिकारियों पर अनुशासनात्मक व दंडनीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। हरियाणा सिविल सर्विसेज पेंशन रूल्स 2016 के अंडर रूल 12 के तहत पेनल कार्रवाई होगी। इसलिए सेवानिवृत्ति पर बैठे सभी अफसर इन आदेश का सख्ती से पालन करें।