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एनएचएम कर्मियों पर सरकार की सख्ती, 10 हजार को किया बर्खास्त

Mon, 11 Dec 2017 09:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Haryana CM Manohar lal Khattar - फोटो : File Photo
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हरियाणा सरकार ने आंदोलनरत लगभग दस हजार एनएचएम कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। बीते सप्ताह से सेवा नियम बनाने को लेकर ये धरनारत हैं। नोटिस जारी करने के बावजूद अनुबंध कर्मियों के ड्यूटी पर न लौटने से सरकार को कड़ी कार्रवाई अमल में लानी पड़ी है।
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हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी जिलों में शुक्रवार शाम से सीएमओ ने हड़ताली कर्मियों को 24 घंटे के भीतर ड्यूटी पर लौटने के नोटिस थमाना शुरू कर दिए थे। बावजूद इसके कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आए। शनिवार को हरियाणा एनएचएम कर्मचारी संघ संबंधित भारतीय मजदूर संघ की सरकार से वार्ता बेनतीजा रही।

रविवार को दोबारा एमडी एनएचएम अमनीत पी कुमार से बातचीत होनी थी, लेकिन कर्मियों के रुख में कोई बदलाव न आने पर इसे स्थगित कर दिया गया। कर्मचारियों ने हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है तो सीएमओ ने रविवार शाम से बर्खास्तगी के पत्र जारी करना शुरू कर दिए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक अमनीत पी कुमार ने इसकी पुष्टि की है।
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बर्खास्तगी के बावजूद ड्यूटी पर आने की अपील
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक अमनीत पी कुमार ने बताया कि जिलों में सीएमओ ने आंदोलनरत कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। चूंकि, प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो रही हैं। इससे होने वाली किसी भी अप्रिय घटना को सरकार सहन नहीं कर सकती।

चूंकि, अनुबंधित एनएचएम कर्मियों के हड़ताल पर जाने से कई जगह एंबुलेंस चालक नहीं है, तो कहीं डिलीवरी के लिए एएनएम नहीं, टीकाकरण के लिए भी कर्मचारी मौजूद नहीं हैं। ऐेसे में सरकार कोई रिस्क नहीं ले सकती। अब भी अनुरोध है कि कर्मचारी ड्यूटी पर लौट आएं। अन्यथा, विकल्प के तौर पर जल्दी नई भर्ती की जाएगी।
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लिखित में मांगें मानने को राजी नहीं सरकार : रजा

khattar
लिखित में मांगें मानने को राजी नहीं सरकार : रजा
हरियाणा एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रेहान रजा ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को लिखित में मानने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने रविवार को अपना मांगपत्र एक बार फिर सरकार को भेज दिया है। उनके सेवा नियम बनाए जाएं, नियमितीकरण के साथ ही नियमित वेतनमान मिले। नियमित स्टाफ समान सभी सुविधाएं दी जाएं। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वे अपनी सेवाओं को पहले ही खत्म मानकर चल रहे हैं।

गौतम गुट हड़ताल से दूर 
प्रदेश में एनएचएम कर्मी दोफाड़ हो चुके हैं। सुरेंद्र गौतम गुट हड़ताल से दूर है। पहले दावा किया जा रहा था कि दोनों संगठनों के साथ आधे-आधे कर्मी हैं, लेकिन रेहान रजा गुट के आंदोलन के साथ अब अधिकांश  कर्मचारी आ गए हैं। सुरेंद्र गुट के प्रभाव वाले चार जिलों में ही एनएचएम कर्मी आंदोलन नहीं कर रहे हैं।  
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