पोर्टल पर देख सकेंगे आवेदन की स्थिति
ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल, मेरी फसल-मेरा ब्योरा से जुड़ा होगा। इस पर किसान समय-समय पर अपने आवेदन की स्थिति देख सकेंगे। आग, बाढ़, ओलावृष्टि, सूखा, शीत लहर, भूकंप, भूस्खलन, बादल फटना, जलभराव, भारी बारिश, कीट का हमला और धूलभरी आंधी के कारण फसल नुकसान पर मुआवजा मिलेगा। अभी इसमें दिक्कत आ रही थी।
विशेष व सामान्य गिरदावरी में किसान के पास अपनी बात रखने का कोई अधिकार नहीं था। राजस्व अधिकारी के फाइनल किए गए नुकसान पर ही मुआवजा दिया जाता था। किसान इस पर अनेक सवाल उठाते थे। अब उन्हें अपनी संतुष्टि का पूरा मौका मिलेगा। इससे लाखों किसान लाभान्वित होंगे। फसल खराब होने की ड्रोन मैपिंग के साथ कृषि विभाग से भी आंकलन कराएंगे।
एचएसवीपी ऑन व्हील्स, नजदीकी कार्यालय में दे सकेंगे बायोमीट्रिक
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण अब आवंटियों को ऑन व्हील्स सुविधा देगा। पुन: आवंटन के लिए आवेदन, ओटीपी जैसी गैर जरूरी प्रक्रियाओं को समाप्त कर दिया गया है। संपत्तियों के पुन: आवंटन का समय घटाकर 1 दिन कर दिया है, पहले यह 4 दिन था। स्वास्थ्य संबंधी कारणों से कार्यालय नहीं आ पाने वाले आवंटी संपत्ति स्थानांतरण अनुमति के लिए घर पर ही बायोमेट्रिक उपस्थिति सेवा का लाभ उठा सकेंगे।
आवंटी अपनी सुविधा के अनुसार एक स्लॉट चुन सकता है। इसके बाद उसके घर पर उपकरणों से सुसज्जित वाहन भेजा जाएगा। 4 मरला से कम आकार के प्लाट आवंटी के लिए यह सेवा निशुल्क है। अन्य को एक निर्धारित शुल्क देना होगा। कोई भी कही से भी अपनी बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज कर सकता है, उसे पास के संपदा कार्यालय जाना होगा।
पहले उसी संपदा कार्यालय आना होता था, जिसके दायरे में आवंटी की संपत्ति आती है। त्रुटियां अब ऑनलाइन सुधार सकेंगे। पहले की तरह एचएसवीपी मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है। पानी की लाइन की मरम्मत, सड़क की सफाई, गड्ढों-मेनहोल की मरम्मत के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।