विभागाध्यक्ष, कार्यालयाध्यक्ष और उपायुक्त आवश्कतानुसार अलग-अलग समय पर कर्मचारियों को कार्यालय बुला सकते हैं, ताकि कार्यालय में अधिक भीड़ न हो और जो कर्मचारी घर से कार्य कर सकते हैं, उन्हें घर से कार्य करने की अनुमति भी दी जा सकती है।
बिना आरोग्य सेतु एप कार्यालयों में नो एंट्री
कार्यालय आने वाले सभी कर्मचारियों के लिए अपने स्मार्टफोन, यदि उनके पास हैं, पर ‘आरोग्य सेतु’ मोबाइल एप इंस्टाल करना अनिवार्य होगा। यदि कर्मचारी के पास फीचर फोन है तो विभागाध्यक्ष द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कर्मचारी के फोन से नंबर-1921 पर एक मिस्ड कॉल दी जाए।
मुख्यालय एवं जिला कार्यालयों में ग्रुप सी एवं डी के कर्मचारियों की ड्यूटी का साप्ताहिक रोस्टर तैयार किया जाएगा और ऐसे कर्मचारियों को एक-एक सप्ताह छोड़कर कार्यालय आने को कहा जाएगा। प्रथम सप्ताह के रोस्टर में ऐसे कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा, जो कार्यालय के निकट रहते हैं और कार्यालय आने के लिए अपने वाहन का इस्तेमाल करते हैं। यदि किसी कर्मचारी का आवास कंटेनमेंट जोन में आता है तो ऐसा कर्मचारी उस समय तक कन्टेनमेंट जोन को नहीं छोड़ेगा, जब तक कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा ‘जोन डिक्लेरेशन आर्डर’ वापस नहीं ले लिया जाता है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा सरकारी कार्यालयों में मानक संचालन प्रक्रिया के क्रियान्वयन के बारे में नियमित जांच की जाएगी और कभी-कभी मुख्यालय एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में कर्मचारियों की जांच के लिए कोविड-19 के नमूने भी लिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, कार्यालय भवनों में एयरकंडीशनर को चलाने के संबंध में लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग द्वारा जारी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना होगा।
उन्होंने बताया कि बहरहाल, ग्रुप सी और डी के 50 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति से संबंधित आदेश मुख्य सचिव, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य, गृह, कृषि, जनस्वास्थ्य, विकास एवं पंचायत, बिजली, सिंचाई, शहरी स्थानीय निकाय, चिकित्सा शिक्षा, सूचना एवं प्रौद्योगिकी, सहकारिता, वित्त, आबकारी एवं कराधान, सूचना एवं जनसंपर्क, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों और उनकी घटक इकाइयों (नगर निकाय, बोर्ड, निगम, मिशन, सोसायटी आदि) पर लागू नहीं होगा।