उधर, निदेशक का पत्र जारी होते ही गेस्ट टीचर्स संशोधन के विरोध में उतर आए हैं। हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ-22 का प्रतिनिधिमंडल राज्य प्रधान सतपाल शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार शाम चंडीगढ़ में शिक्षा मंत्री कंवर पाल और सीएम के ओएसडी भूपेश्वर दयाल से मिला।
उन्होंने शिक्षा मंत्री के सामने अपनी समस्या रखी और कहा कि नियमित शिक्षकों की तुलना में गेस्ट टीचर एक तिहाई वेतन ले रहे हैं। वे अपने घर से 200 किलोमीटर की दूरी पर किस प्रकार गुजारा कर सकते हैं। शिक्षा मंत्री ने यह बात मानी कि इतनी कम राशि में एक व्यक्ति का 200 किलोमीटर दूरी पर जाकर नौकरी करना संभव नहीं है।
सीएम से बात करेंगे शिक्षा मंत्री
गेस्ट टीचर्स ने उनके पदों को तबादलों के लिए खाली न मानने का आग्रह किया है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर वर्तमान स्कूलों से उन्हें दूसरे जिलों में भेजा गया तो आंदोलन के साथ ही हाईकोर्ट का रुख करेंगे। जिससे पूरी तबादला प्रक्रिया पर रोक भी लग सकती है। गेस्ट टीचर्स नेता धर्मबीर कौशिक ने कहा कि समान काम-समान वेतन तक उनके पदों को तबादला नीति में खाली न माना जाए। शिक्षक संघों के दबाव में शिक्षा निदेशालय ने यह फैसला लिया है। इसके विरोध में कोर्ट जाने से भी नहीं हिचकिचाएंगे। शिक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया है कि मंगलवार शाम को वह इस बारे में सीएम से बात करेंगे।
पदों को खाली न मानने के लिए कहा था: भूपेश्वर
सीएम के ओएसडी भूपेश्वर दयाल ने कहा कि सरकार ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को गेस्ट व एडहॉक टीचर्स के पदों को तबादलों के लिए खाली न मानने को कहा था। यदि पद खाली माने गए हैं तो सीएम के समक्ष इस मुद्दे को रखेंगे। गेस्ट टीचर्स का प्रतिनिधिमंडल निदेशक सेकेंडरी से भी मिला, उन्होंने कहा कि यह उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर की बात है।