1032 गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों को हरियाणा सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब गैर-मान्यता प्राप्त स्कूल नए सत्र में दाखिला कर सकेंगे। हालांकि, दो साल की अवधि के भीतर गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को सरकार द्वारा निर्धारित मानदंड को पूरा करना होगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल और शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर के साथ हुई फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक में इन मुद्दों पर सहमति बन गई है।
नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स अलायंस (निसा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. कुलभूषण शर्मा ने इसके लिए चंडीगढ़ में आयोजित प्रेसवार्ता में सरकार का धन्यवाद भी किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने निजी स्कूलों को दो मंजिला भवन बनाने पर 25 प्रतिशत छूट देने का आश्वासन भी दिया है। अगर कोई स्कूल जमीन से संबंधित मानदंड को पूरा नहीं कर पाता है तो वह एक निश्चित बॉन्ड राशि के साथ पुराने नियम (2009) के अनुसार अपना स्कूल बाहर शिफ्ट कर सकता है।
वहीं, सरकार ने निजी स्कूल संचालकों को यह भी सुझाव दिया है कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टरों में निर्धारित की स्कूल साइट को भी प्राथमिकता दे सकते हैं। फिलहाल प्रदेशभर में एचएसवीपी के सेक्टरों में 129 स्कूल साइट हैं।
निजी स्कूल यूनियनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को अवगत कराया कि प्रदेश में हजारों अस्थाई एवं स्वीकृत विद्यालय है जो वर्तमान समय में लैंड नॉर्म्स को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में सरकार उनको खाली जमीन में शिफ्टिंग की अनुमति प्रदान करें। सीएम ने इस मुद्दे के तकनीकी पक्ष पर चर्चा करने के बाद इस मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया।
फेडरेशन के उप प्रधान सतबीर पटेल ने बताया कि सरकार स्कूलों को हुडा की प्लाटिंग में कम दरों पर जो कि नो प्रॉफिट पर जमीन देने की योजना तैयार कर रही है। बैठक में बनी सहमति को लेकर सरकार की ओर से जल्द नोटिस भी जारी किया जाएगा। इस अवसर पर रामफल, दिनेश जोशी, विजय टटोली एवं रामहेतु व भगत सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे।