हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य की ओर से स्वाइन फ्लू को लेकर कड़ा संज्ञान लेते हुए 29 नवंबर को गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इसमें संदेह जताया गया है कि प्रदेश में स्वाइन फ्लू का वायरस इन्फल्यूंजा ए, एचवन व एनवन फैल सकता है। एहतियात के तौर पर हरियाणा अपेडेमिक डिजिज इन्फ्ल्यूंजा ए, एचवन एनवन रैगुलेशन 2019 प्रस्ताव 2022 तक के लिए पारित कर दिया गया है।
इस नोटिफिकेशन में स्पष्ट निर्देश हैं कि मरीजों का उपचार निजी व सरकारी अस्पताल राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र नई दिल्ली की गाइड लाइन के अनुसार ही करेंगे। यदि कोई नियम तोड़ता है तो उस पर आईपीसी के सेक्शन 188 के तहत कार्रवाई होना तय है।
राज्यपाल की ओर से जारी नोटिफिकेशन को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि स्वाइन फ्लू का उपचार करने वाले सरकारी व निजी अस्पताल पर भारत सरकार के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र की गाइड लाइन को मानना होगा।
कहां मरीज का उपचार होगा, कहां मरीज के लिए आइसोलेशन की सुविधा होगी, इसे हर जिले में सिविल सर्जन की ओर से तय किया जाएगा। मरीज पॉजिटिव हो या संदेह में हो, उसे अस्पताल में रखा जाएगा और सैंपल जांच के लिए भरा जाएगा।