हरियाणा सरकार ने वाड्रा-डीएलएफ लैंड डील समेत कई सीएलयू मामले में हुई धांधली की जांच के लिए गठित ढींगरा आयोग का कार्यकाल 30 जून तक बढ़ा दिया है। आयोग का कार्यकाल दूसरी बार बढ़ाया गया है। इससे पहले आयोग का यह कार्यकाल 7 जून तक के लिए बढ़ाया गया था।
सूत्रों के मुताबिक इस बार आयोग पूछताछ के लिए राबर्ट वाड्रा को भी तलब कर सकता है। अभी तक आयोग ने सिर्फ अधिकारियों से पूछताछ की है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भी आयोग ने नोटिस भेजा था, लेकिन हुड्डा ने अपने अधिवक्ता को भेज दिया था। इस पूरे मामले को सुर्खियों में लाने वाले अशोक खेमका को भी अभी तक आयोग ने पूछताछ के लिए नहीं बुलाया है। लिहाजा, उन्हें भी बुलाए जाने की पूरी संभावना है। खेमका ने इस मामले में डीएलएफ, पूर्व सीएम हुड्डा और राबर्ट वाड्रा सहित एक अन्य बिल्डर को कटघरे में खड़ा किया था।
आयोग ने पिछले दिनों इस मामले में मुख्य सचिव डीएस ढेसी, तत्कालीन डीजी टाउन एंड कंट्री प्लानिंग टीसी गुप्ता और एसएस ढिल्लो को पूछताछ के लिए तलब किया था। तीनों अधिकारियों ने लिखित में आयोग के सभी प्रश्नों का जवाब दिया था। अधिकारियों ने आयोग के सामने बताया था कि लाइसेंस देने की इस प्रणाली में अंतरिम आदेश मुख्यमंत्री के ही होते हैं। यह प्रणाली कई वर्षों से चली आ रही है। यहां तक कि एक अधिकारी ने तो वर्तमान सरकार में दिए गए लाइसेंस की सूची ही आयोग के सामने पेश कर दी।