हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में अपार्टमेंट सरीखे भवनों व एक से अधिक मालिकाना हक वाली संपत्तियों में अवैध निर्माण को लेकर सरकार कोई राहत नहीं देगी। ये संपत्तियां कोर एरिया में भी परिवर्तित नहीं हो पाएंगी। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने इन भवनों को अवैध निर्माण के मामले में राहत न देने का फैसला लिया है। अन्य संपत्तियों को अवैध निर्माण हटाने पर नियमितीकरण प्रमाण पत्र मिलेगा।
इसके लिए मकान मालिकों को चार चरणों से गुजरना होगा। चारों चरण में अलग- अलग प्रावधान हैं, जिनकी अनुपालना करने पर ही संपत्ति नियमित हो सकेगी। अगर एक भी चरण का उल्लंघन हुआ तो निर्माण नियमित करने का अनुमोदन पत्र निकाय वापस ले लेंगे। इसके साथ ही अवैध निर्माण में राहत व कोर एरिया परिवर्तन कराने के लिए सरल हरियाणा पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
26 अगस्त 2018 से पहले का भवन प्लान अप्रूवल लेटर होने पर ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। संपत्ति के एक से ज्यादा मालिक होने पर आवेदन अस्वीकार कर दिया जाएगा। अपार्टमेंट व उसके तरह के भवनों के आवेदन भी मंजूर नहीं होंगे। अवैध वाणिज्यिक संपत्तियों के मामले में राहत के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
हरियाणा भवन कोड 2017 में निहित प्रावधान पूरे होने पर ही संपत्ति मालिकों को अवैध निर्माण के मामले में राहत मिलेगी। शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने ये प्रावधान लागू करवाने के लिए सभी निगमायुक्तों, नगर परिषद कार्यकारी अधिकारियों व नगर पालिका सचिवों को 27 मई 2020 को निर्देश जारी कर दिए हैं। इन निर्देशों से हजारों संपत्ति मालिकों को तगड़ा झटका लगेगा।