हरियाणा सरकार की ओर से 14 बार मौका देने के बावजूद प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए उपस्थित न होने पर 430 हाई मेरिट चयनित जेबीटी की उम्मीदवारी रद्द करने का निर्णय लिया है। सरकार ने इन्हें ज्वाइनिंग देने के लिए एक के बाद एक मौके दिए, मगर हर बार अनुपस्थित पाए गए। इन्हें अंतिम मौका बीते 25 सितंबर को ही दिया गया।
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने हरियाणा पात्र अध्यापक संघ की लगातार उठाई जा रही मांग पर अनुपस्थित हाई मेरिट जेबीटी की उम्मीदवारी रद्द करने के आदेश स्कूल शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरा खंडेलवाल को दे दिए हैं। इससे लो मेरिट के जेबीटी को नियमित होने का मौका मिल जाएगा। चूंकि, अभी लो मेरिट के जेबीटी एडहॉक पर कार्यरत हैं।
खुल्लर ने धीरा खंडेलवाल को नवरात्रों में ही लो मेरिट के कैटगिरी वाइज 430 उम्मीदवारों को अनुपस्थित हाई मेरिट जेबीटी के स्थान पर नियमित करने का आदेश दिया है। हरियाणा पात्र अध्यापक संघ के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने खुल्लर से बैठक के बाद बताया कि 27 जुलाई 2018 के हाईकोर्ट के आदेशानुसार हरियाणा कर्मचारी आयोग द्वारा की गई फिजिकल वेरिफिकेशन के आधार पर 108 जेबीटी को ज्वाइनिंग देने की भी मांग की गई।
राजेश खुल्लर ने खंडेलवाल से फोन पर इस संबंध में पूरी जानकारी ली। खंडेलवाल ने उन्हें बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ विभाग एलपीए में जाना चाहता है। जिस पर खुल्लर ने एडवोकेट जनरल की राय के अनुसार पहले जॉइनिंग देकर आदेश पर रिव्यू याचिका लगाने की बात कही है।