सीएम ने कहा कि लगातार पांच दिन से हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियनों द्वारा की जा रही हड़ताल से जन साधारण को रोजमर्रा के कामों के लिये बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इससे न केवल रोडवेज कर्मचारी यूनियनों, परिवहन विभाग बल्कि राज्य सरकार की छवि भी जनता में खराब हो रही है। उनके अनुसार हरियाणा राज्य कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों को यह आशंका है कि निजी बस मालिकों से 700 बसें किराए पर लेकर चलाने से विभाग का निजीकरण हो जाएगा और विभाग के कर्मचारियों की छंटनी होगी। जबकि इन तथ्यों में कोई सच्चाई नहीं है, क्योंकि निजी बस मालिकों से किराए पर ली जाने वाली बसों पर परिचालक परिवहन विभाग का होगा।
साथ ही विभाग में नार्म के अनुसार ही इन बसों पर 980 अतिरिक्त परिचालकों की भर्ती होगी। इन बसों में सफर करने वाले यात्रियों से टिकटों से होने वाली आय सरकारी खजाने में जमा होगी। बस मालिकों को केवल निर्धारित दर से प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि यह कोई स्टेज कैरिज अथवा कोंट्रेक्ट कैरिज स्कीम नहीं है। यह केवल पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के अंतर्गत हरियाणा राज्य परिवहन के बेडे में 700 अतिरिक्त बसें शामिल करने के लिए किया जा रहा है ताकि आम जनता को सस्ते किराए पर, समय पर, विश्वसनीय तथा सुलभ परिवहन सेवा उपलब्ध करवाई जा सके।