हरियाणा कैबिनेट की बैठक में चरखी दादरी को 22वां जिला बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई, वहीं अंबाला को कमिश्नरी से अलग कर दिया गया। इसके अलावा दस उपमंडल, दस तहसील और तीन उप तहसील बनाने को भी स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंत्रिमंडल ने उपायुक्त, भिवानी के प्रस्ताव पर नया जिला चरखी दादरी के सृजन को स्वीकृति प्रदान की।
कमेटी ने सिफारिश की कि उपायुक्त ने जिन साथ लगते गांवों को जिले में शामिल नहीं करने का प्रस्ताव किया है, उन्हें भी 30 दिनों की सार्वजनिक सूचना जारी कर जिला चरखी दादरी का हिस्सा बनने का विकल्प दिया जाए। इसके अलावा जिला अंबाला में अंबाला छावनी, भिवानी में बाढड़ा, फरीदाबाद में बड़खल, हिसार में नारनौंद, झज्जर में बादली, जींद में उंचाना, करनाल में घरौंडा, यमुनानगर में रादौर और मेवात में पुनहाना का अद्यतन करउप-मंडल बनाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। जबकि सिरसा में उप-मंडल कालांवाली के सृजन के मामले की समीक्षा कर उसे उप-मंडल बनाने की सिफारिश की गई है।
अंबाला में अंबाला छावनी, फरीदाबाद में बड़खल, हिसार में बास, जींद में उचाना एवं अलेवा, कुरुक्षेत्र में लाडवा, पंचकूला में रायपुर रानी, पानीपत में मतलौडा और जिला सिरसा में कालांवाली को तहसील बनाने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा, जिला झज्जर में बादली को एक नई तहसील के रूप में सृजन की सिफारिश की गई। यमुनानगर में खिजराबाद, रेवाड़ी में पाल्हावास और खेड़ी चोपटा, हिसार में खेड़ी जलेब का उप-तहसील के रूप में सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की गई।