हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ सिविल एविएशन (हिका) के तीन फ्लाइंग क्लबों के लिए तीन नए एयरक्राफ्ट्स खरीदने की योजना फिलहाल खटाई में पड़ गई है। इन एयर क्राफ्ट्स की खरीद पर सरकार ने न केवल ब्रेक लगा दी है, बल्कि इन फ्लाइंग क्लबों को ठेके पर देने की तैयारी भी कर ली है।
सरकार का दावा है कि ये कदम इन फ्लाइंग क्लबों से होने वाली आय को और बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। हरियाणा सिविल एविएशन विभाग के तीन क्लबों पिंजौर, करनाल और हिसार में अभी युवाओं की ट्रेनिंग के लिए 7 एयर काफ्ट्स हैं। सरकार ने 3 और सेसना-172 एसजेटीए एयर क्राफ्ट्स खरीदने की तैयारी कर ली थी। ये एयर क्राफ्ट्स नवीनतम संस्करणों के खरीदे जाने थे, जिससे इनकी प्रति घंटा लागत व्यय भी कम होती।
कुछ माह पूर्व पब्लिक अकाउंट कमेटी (पीएसी) की मीटिंग में भी एक सवाल के जवाब में आश्वस्त किया था कि विभाग फ्लाइंग ट्रेनिंग केलिए 3 नए एयरक्राफ्ट्स जल्द ही खरीदने वाला है। इसका प्रस्ताव तैयार कर सीएम के पास मंजूरी के लिए भेज दिया गया था। लेकिन ये सारी एक्सरसाइज पूरी होने के बाद अचानक एयरक्राफ्ट्स खरीद का फैसला पलट दिया गया। सरकार अब नए एयरक्राफ्ट खरीदने की बजाय अपने फ्लाइंग क्लबों को ही ठेके पर देना चाहती है।