इधर किसान बर्बाद हो रहे हैं, उधर मंत्री बयानबाजी करने में उलझे हुए हैं। राहत और बचाव के इंतजाम की किसी को परवाह नहीं। बस राजनीति-राजनीति खेलने का मौका मिलना चाहिए।
किसानों की बर्बादी के मुद्दे पर बिना नाम लिए पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा पर निशाना साधते हुए प्रदेश के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि मुझे हैरानी है कि 5 माह पहले जिनके राज में किसानों को मुआवजे के नाम पर 2-3 रुपये के चेक मिला करते थे, अब वे 40 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस 10 साल सत्ता में थी, तब किसानों के लिए कुछ नहीं किया। कैप्टन रविवार को शिक्षा भारती स्कूल में प्रेस को संबोधित कर रहे थे।
हर खेत में हुए नुकसान का देंगे मुआवजा
वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार गंभीरता से हर जिले की हर दिन समीक्षा कर रही है। सरकार किसानों के साथ खड़ी है और हर खेत में हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने इनेलो पर भी निशाना साधते हुए कहा कि 2005 में मुआवजा राशि महज 450 रुपये प्रति एकड़ थी।
कांग्रेस ने 2014 के चुनाव से पहले प्रति एकड़ 5 हजार से 10 हजार रुपये मुआवजे की घोषणा की। लेकिन यह सिर्फ घोषणा रही। बगैर नाम लिए पूर्व सीएम हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल किसानों के आंसुओं पर राजनीति कर रहे हैं।
पहले किसानों से माफी मांगें
वित्त मंत्री ने कहा कि पूर्व सीएम विधानसभा पटल पर 20 हजार रुपये मुआवजा मांगते हैं और रोहतक सांसद 40 हजार रुपये। यदि वे 40 हजार रुपये मुआवजा उचित मानते हैं तो पहले खुद किसानों से माफी मांगे कि उन्होंने यह अपने कार्यकाल में क्यों नहीं किया? और यह नीतियां क्यों नहीं बनाई?
5 माह में 10 साल से ज्यादा मुआवजा
कैप्टन ने कहा कि पिछली सरकार ने 2012-13 व 2013-14 की गिरदावरी तो करवाई, लेकिन मुआवजा नहीं दिया। हमने यह राशि बंटवाई। हमने 5 माह में इतनी राशि बांट दी, जितनी 10 वर्षों में नहीं दी गई। 15 अप्रैल तक गिरदावरी करने के आदेश दिए हैं।
भाजपा साबित करे 5 रुपये मुआवजा दिया, इस्तीफा दे दूंगा
भाजपा साबित करे कि हमने 10 सालों में किसानों को 5-5 रुपये मुआवजा दिया तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। ऐसी गलती सिर्फ पुनर्गणना में हो सकती है। इसके अलावा ऐसा कोई मामला नहीं हो सकता। यह कहना है सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा का। वे रविवार को एकता कॉलोनी में एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने हुड्डा राज में किसानों को तीन-तीन, पांच-पांच रुपये देने के भाजपा के आरोपों का करारा जवाब दिया।
ओलों से 100 फीसदी तक नुकसान
सांसद ने कहा कि मैंने तीन-चार दिन में 100 गांवों का दौरा किया है। ओलावृष्टि से 100 फीसदी फसल को नुकसान हुआ है। बुजुर्ग भी हैरान हैं कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसी तबाही नहीं देखी। कई गांवों में बरसात से भी ज्यादा नुकसान हुआ है। यहां गिरदावरी कराई जानी चाहिए।
झूठ के नहीं होते पैर
वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु को घेरते हुए सांसद ने कहा कि झूठ के पैर नहीं होते। 5 साल पहले प्रति एकड़ 10 हजार रुपये फिक्स मुआवजा दिया गया। उस समय गेहूं का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल था। अब गेहूं की कीमत 1400 रुपये क्विंटल है, इसलिए 25 हजार रुपये मुआवजा प्रति एकड़ दिया जाना चाहिए। किसान 40 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। किसान के लिए यह साल घाटे का रहा।
राजनीति की नहीं मदद की जरुरत
किसानों को आज राजनीति की नहीं मदद की जरूरत है। इसके लिए हम विभाग पर दबाव बनाएंगे। यदि भाजपा ने अच्छा काम किया तो धन्यवाद भी करेंगे। इससे पहले काले धन का लालच, स्वामीनाथन कमेटी, 2000 रुपये पेंशन की घोषणा का वादा हम भाजपा को याद दिलाते हैं। वे इन वादों को महज चुनावी जुमला बता नहीं बच सकते। जो कहा है, उसे पूरा करो। किसानों के लिए वे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे। सरकार पर दबाव बनाया जाएगा, क्योंकि उसका काम है कि किसानों की पीड़ा पर मरहम लगाए। इसके बाद हम राजनीति भी कर लेंगे, फिलहाल समय राजनीति का नहीं है।
झूठ के नहीं होते पैर
वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु को घेरते हुए सांसद ने कहा कि झूठ के पैर नहीं होते। 5 साल पहले प्रति एकड़ 10 हजार रुपये फिक्स मुआवजा दिया गया। उस समय गेहूं का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल था। अब गेहूं की कीमत 1400 रुपये क्विंटल है, इसलिए 25 हजार रुपये मुआवजा प्रति एकड़ दिया जाना चाहिए। किसान 40 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। किसान के लिए यह साल घाटे का रहा।
राजनीति की नहीं मदद की जरुरत
किसानों को आज राजनीति की नहीं मदद की जरूरत है। इसके लिए हम विभाग पर दबाव बनाएंगे। यदि भाजपा ने अच्छा काम किया तो धन्यवाद भी करेंगे। इससे पहले काले धन का लालच, स्वामीनाथन कमेटी, 2000 रुपये पेंशन की घोषणा का वादा हम भाजपा को याद दिलाते हैं। वे इन वादों को महज चुनावी जुमला बता नहीं बच सकते। जो कहा है, उसे पूरा करो।
किसानों के लिए वे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे। सरकार पर दबाव बनाया जाएगा, क्योंकि उसका काम है कि किसानों की पीड़ा पर मरहम लगाए। इसके बाद हम राजनीति भी कर लेंगे, फिलहाल समय राजनीति का नहीं है।
30 हजार रुपये मुआवजा दे सरकार: हुड्डा
किसानों पर बारिश और ओलावृष्टि ने कहर बरपाया है। फसलें बर्बाद हो गई है। प्रदेश सरकार किसानों को 30 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दे और गन्ने का बकाया भुगतान भी जल्द करे। यह बात पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा रविवार को महम में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा, भाजपा सरकार पहले ही कपास व धान की फसल की कीमतों को कम कर किसानों को बर्बाद करने का काम कर चुकी है। यदि मुआवजा देने में कोई भेदभाव किया गया तो हम इसका विरोध करेंगे।
गुटबाजी पर बोले, जरूरी नहीं सब एक जगह हों
भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस सोमवार से विरोध शुरू करेगी। प्रदर्शन में प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर, कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी के साथ क्या पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी होंगे।
इस सवाल पर हुड्डा ने कहा कि ये जरूरी नहीं है कि सब एक जगह एकत्रित हों। कांग्रेस जमकर बिल का विरोध करेगी। कांग्रेस पार्टी 19 अप्रैल को दिल्ली में बिल के खिलाफ रैली करेगी। रैली में प्रदेश से रिकॉर्ड संख्या में लोग शामिल होंगे।
अब 15 अप्रैल तक होगी विशेष गिरदावरी
हरियाणा के सीएम ने कहा कि किसानों को दी जाने वाली न्यूनतम राहत को 500 रुपये कर दिया है। फसलों की गिरदावरी अब 15 अप्रैल तक होगी। पहले यह 31 मार्च तक ही होनी थी। सीएम ने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों के नुकसान की भरपाई को केंद्र से 1137 करोड़ का फंड मांगा है।
उन्होंने कहा कि किसी भी किसान के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। जिला अधिकारियों के अलावा क्षेत्र के विधायक भी किसानों के नुकसान के आकलन पर नजर रखेंगे। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की ओर से सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों को भी दरकिनार किया और कहा कि सरकार विशेष गिरदावरी कर सभी किसानों के लिए न्यायोचित फैसला लेगी।
पटौदी में बाईपास की घोषणा...
पटौदी में लगने वाले जाम से लोगों को अब निजात मिल जाएगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पटौदी में बाईपास बनाने की घोषणा की। लोगों ने इसका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार लोगों की सुविधा के लिए हर प्रकार कर कदम उठाएगी। जब मुख्यमंत्री ने बाईपास की घोषणा की तो लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। रोजाना हजारों लोगों का पटौदी में आना-जाना लगा रहता है।