हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश की मनोहर लाल खट्टर सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए तीखी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया है कि सवा साल में घोटालों की हैट्रिक बना दी है। एक बयान में हुड्डा ने कहा कि जींद जिले के गढ़वाली और खरैंटी गांव में धान के खेत में कपास दिखाकर मुआवजे के नाम पर पैसा डकारा गया है।
सिंचाई विभाग का रिकार्ड जिन किला नंबरों में धान दिखा रहा है, राजस्व विभाग उन्हीं किला नंबरों में कपास बताकर मुआवजे का भुगतान कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘वह री भाजपा सरकार-खेत में बोया धान और पैदा हो गई कपास, ऐसा अप्राकृतिक काम भाजपा के राज में ही हो सकता है।’
हुड्डा ने कहा कि जब मात्र दो गांवों में आरटीआई के जरिए सैकड़ों एकड़ में मुआवजे के गोलमाल का खुलासा हुआ है तो सारे हरियाणा में यह संख्या लाखों एकड़ में जाएगी और घोटाला अरबों रुपये का हुआ होगा। उन्होंने कहा कि जैसे चूल्हे पर रखे पतीले में से चावल के दो दाने निकालने से ही पता चल जाता है कि पूरा चावल पका है या नहीं, उसी तरह गढ़वाली और खरैंटी गांवों के रिकार्ड से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सारे हरियाणा में कितना बड़ा घोटाला हुआ होगा।
पूर्व सीएम ने कहा कि दूसरा घोटाला बीते साल बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान की गिरदावरी में हुआ। तीसरा घोटाला धान खरीद में हुआ, जिसने पहले दोनों घोटालों को भी पीछे छोड़ दिया। हुड्डा ने कहा कि अब हरियाणा की जनता के सामने यह बात साफ हो गई है कि भाजपा सरकार इन घोटालों की जांच उच्च न्यायालय के जज से क्यों नहीं करा रही?
प्रदेश के एक मंत्री द्वारा हुड्डा को 1509 धान की खरीद का ऑफर दिए जाने पर प्रतिक्त्रिस्या व्यक्त करते हुए हुड्डा ने कहा कि उनके पास दस वर्षों तक धान की खरीद का अधिकार था, उस समय उन्होंने हरियाणा के किसानों को मालामाल कर दिया था, जिसे किसान आज भी याद करते हैं। इस समय यह अधिकार भाजपा के पास है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में जनता ने यह अधिकार उन्हें फिर दिया तो वे किसानों के पुराने दिन फिर लौटा देंगे।