चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने सोमवार को चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (सीपीडीएल) के कर्मचारियों पर हरियाणा एस्मा लगा दिया है। प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा है कि यदि सीपीडीएल के कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं तो इससे शहर में बिजली आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ेगा, जिससे आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ सकता है।
आदेश के अनुसार सीपीडीएल की सेवाओं को एसेंशियल सर्विस घोषित किया गया है। इसका मतलब है कि इन सेवाओं में किसी भी प्रकार की हड़ताल को कानूनी रूप से प्रतिबंधित किया जाएगा। प्रशासन ने हरियाणा एसेंशियल सर्विस (मेंटेनेंस) एक्ट-1974 की धारा 3 और 4ए के तहत कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन पर 26 जनवरी 2026 तक रोक लगाई है। इस अवधि में कोई भी कर्मचारी हड़ताल नहीं कर सकेगा। आदेश में साफ कहा है कि बिजली की सप्लाई अनिवार्य सेवा है और इसे बाधित करना न तो प्रशासन और न ही जनता के हित में है। बता दें कि चंडीगढ़ में पहले पंजाब एस्मा लागू होता था लेकिन बिजली विभाग के निजीकरण को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन को दबाने के लिए प्रशासन ने चंडीगढ़ में पंजाब एस्मा को खत्म करके हरियाणा एस्मा को लागू कर दिया। प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार इसमें नियम काफी सख्त हैं। पहले हड़ताल करने वाले कर्मचारियों पर ही कार्रवाई हो सकती थी लेकिन हरियाणा एस्मा के तहत हड़ताल की योजना बनाने वाले और उसके लिए पैसे खर्च करने वालों पर भी कार्रवाई हो सकेगी।