विधानसभा चुनाव में उतरे कई प्रत्याशी ऐसे हैं जिनकी संपत्ति पांच सालों में तीन गुना से ज्यादा बढ़ गई है। इसका खुलासा नामांकन पत्र भरने के दौरान प्रत्याशियों के शपथ पत्र में चल-अचल संपत्ति के दिए गए ब्योरा से हुआ है।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के पुत्र और आदमपुर सीट से हजकां प्रत्याशी कुलदीप बिश्नोई की संपत्ति तेजी से बढ़ी है। 2009 के विधानसभा चुनाव में उनकी कुल संपत्ति 17.30 करोड़ रुपये थी। इस बार दिए शपथ पत्र में उन्होंने कुल संपत्ति 80.11 करोड़ बताई है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की संपत्ति में भी खासा इजाफा हुआ है। वर्ष 2009 के विधानसभा चुनाव में उनकी संपत्ति 2.70 करोड़ थी। इस बार दिए गए शपथ पत्र के मुताबिक उनकी संपत्ति 8.82 करोड़ हैं।
हिसार से चुनाव लड़ रहीं सावित्री जिंदल की संपत्ति भी करोड़ में है। 2009 के विधानसभा चुनाव में उनकी संपत्ति 43.68 करोड़ थी। जो कि इस चुनाव में 113.27 करोड़ तक पहुंच गई है।
धन्ना सेठों की इस जमात में सबसे ज्यादा संपत्ति हरियाणा जनचेतना पार्टी के प्रमुख विनोद शर्मा की है। उनकी कुल संपत्ति 153.13 करोड़ है। बीते विधानसभा चुनाव से इस चुनाव में शर्मा की संपत्ति में 75 फीसदी इजाफा हुआ है। हरियाणा की राजनीति का एक और अमीर चेहरा गोपाल कांडा हैं। उनकी संपत्ति 114.75 करोड़ है। जो कि पिछले चुनाव में 63.15 करोड़ थी।