भाजपा नेता बीरेंद्र सिंह डूमरखां ने कहा है कि भाजपा को हरियाणा में स्थायित्व चाहिए तो सीएम का फैसला सोच समझकर लेना होगा। सरकार बनाने तक ही सीमित रहना समझदारी नहीं होगी। वे सीएम पद की दौड़ में हैं या नहीं? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद के लिए उम्मीद हर आदमी को करनी चाहिए।
बीरेंद्र सिंह सोमवार को यहां जाट संस्था में दीनबंधु छोटूराम की प्रतिमा पर अपनी पत्नी प्रेमलता के साथ पुष्प अर्पित करने पहुंचे थे। पत्रकारों से बात करते हुए कहा, मुख्यमंत्री पद के लिए फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को करना है। हां वे इशारा जरूर कर गए कि वे सीएम पद के दावेदार हैं।
हुड्डा पर साधा निशाना
डूमरखां ने निवर्तमान मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कांग्रेस छोड़ने की बड़ी वजह हुड्डा रहे। कांग्रेस, हुड्डा कांग्रेस बन रह गई थी। हुड्डा के कहने पर पार्टी काम करेगी तो बदलाव नहीं आ सकेगा। हुड्डा संकुचित विचाराधारा अपनाए हुए हैं। पार्टी को सीमित कर दिया है। कांग्रेस कहीं नहीं रही है। थोड़ी रोहतक में बाकी है।
48 साल बाद मिला विकल्प
प्रदेश में भाजपा को बहुमत पर कहा कि मोदी का जादू तो चला ही है। साथ में भाजपा यहां तीसरे विकल्प के रूप में सामने आई। युवाओं को रास्ता नहीं मिल रहा था। उनका भविष्य, रोजगार, शिक्षा सब अंधकार में थे। 48 साल बाद विकल्प मिला। इतने लंबे समय तक कांग्रेस और इनेलो ही आपसे में खेल रही थी। स्पष्ट बहुमत मिलने से पार्टी निर्णय ले सकेगी। गठबंधन की वजह से ही केंद्र में काम्नवेल्थ जैसे घोटाले हुए। गठबंधन सरकार की कमजोरी होती है।